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भारत में निवेश का भरोसा बढ़ा, महाराष्ट्र और आंध्र में बड़ी कंपनियों ने किए करोड़ों के समझौते

दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान कई कंपनियों के प्रमुखों ने कहा कि रणनीतिक रूप से भारत बेहद महत्त्वपूर्ण बाजार है

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एजेंसियां   
Last Updated- January 20, 2026 | 11:04 PM IST

देश-दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत की वृद्धि को आशा की नजर से देख रही हैं और यहां बड़े निवेश करने के लिए योजनाएं बना रही हैं। दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान कई कंपनियों के प्रमुखों ने कहा कि रणनीतिक रूप से भारत बेहद महत्त्वपूर्ण बाजार है। यहां मंगलवार को कई कंपनियों ने जहां ऊर्जा, एआई समेत कई क्षेत्रों में करार किए।

मंगलवार को जारी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में भी कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिदृश्य सुस्त रहने के बावजूद भारतीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अपने देश की अर्थव्यवस्था और अपनी कंपनियों की आय वृद्धि को लेकर अधिक आशावादी हैं। डब्ल्यूईएफ बैठक के दौरान जारी पीडब्ल्यूसी की वार्षिक सीईओ सर्वेक्षण रिपोर्ट में करीब 4,454 लोगों की राय ली गई, जिसमें लगभग 50 सीईओ शामिल हैं।

दावोस में डब्ल्यूईएफ बैठक से इतर प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सिस्को के अध्यक्ष एवं मुख्य उत्पाद अधिकारी जीतू पटेल ने कहा कि कंपनी भारत को रणनीतिक रूप से बेहद महत्त्वपूर्ण बाजार मानती है और वहां निवेश करना जारी रखेगी। इसी प्रकार पवन ऊर्जा के अग्रणी सुजलॉन एनर्जी के उपाध्यक्ष गिरीश तांती ने कहा कि भारत निर्यात के माध्यम से वैश्विक पवन ऊर्जा मांग का 10 प्रतिशत पूरा करने में सक्षम है।

सुजलॉन ने अपने 30 वर्ष के अस्तित्व में एक लंबा सफर तय किया है। संस्थापक सदस्य के अनुसार अब कंपनी पवन ऊर्जा उत्पादन व्यवसाय के भीतर एवं उससे परे विस्तार के लिए अपनी विंड 2.0 और सुजलॉन 2.0 पहलों के साथ विकास के अपने अगले चरण के लिए तैयार है।

बड़ी परियोजनाओं के कार्यान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सरकार की सराहना करते हुए हिताची इंडिया के चेयरमैन भरत कौशल ने कहा कि जापान के निवेश संकल्पों को अब तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसी वजह से अब भारत और जापान के बीच सौदों का आकार भी काफी बड़ा हो रहा है।

स्विगी के फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर ने कहा कि कंपनी ने अभी तक भारत में 85-90 प्रतिशत बाजार में प्रवेश नहीं किया है। कंपनी की वैश्विक विस्तार की कोई योजना नहीं है, क्योंकि घर में ही विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारी विकास के अवसर के प्रति आश्वस्त, स्वच्छ ऊर्जा प्रमुख रीन्यू के प्रमुख सुमंत सिन्हा ने कहा है कि उनका समूह स्मार्ट तरीके से विस्तार करेगा और लालची हुए बिना या एक ही बार में सब कुछ दृष्टिकोण अपनाए बिना आगे बढ़ेगा।

महाराष्ट्र में लोढ़ा डेवलपर्स करेगी 1 लाख करोड़ निवेश

रियल एस्टेट कंपनी लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड ने महाराष्ट्र सरकार के साथ डेटा सेंटर पार्क के निर्माण के लिए एक लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश हेतु प्रारंभिक समझौता किया है। कंपनी ने चार महीने पहले राज्य सरकार के साथ डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 30,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि कंपनी ने एक लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।

दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच से इतर लोढ़ा डेवलपर्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अभिषेक लोढ़ा ने महाराष्ट्र सरकार के साथ 19 जनवरी को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। लोढ़ा डेवलपर्स ने कहा, ‘अतिरिक्त एक लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ, कुल प्रतिबद्धता 1.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।’

आंध्र और आरएमजेड में 10 अरब डॉलर की साझेदारी

आंध्र प्रदेश सरकार ने मंगलवार को दावोस में आरएमजेड ग्रुप के साथ 10 अरब डॉलर की रणनीतिक निवेश साझेदारी की घोषणा की। इसके तहत पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर डिजिटल, मिश्रित उपयोग और औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। प्रस्तावित साझेदारी के तहत आरएमजेड ग्रुप विशाखापत्तनम के कपुलुप्पाडा चरण-1 आईटी पार्क में एक वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) पार्क विकसित करने की योजना बना रहा है।

First Published : January 20, 2026 | 10:50 PM IST