प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
आईटी सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स यूरोप में अपनी मौजूदगी का विस्तार और मुख्य भौगोलिक बाजार के रूप में अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने पर विचार कर रही है। लगभग सभी आईटी सेवा कंपनियों को प्रभावित करने वाले व्यापक आर्थिक हालात की अनिश्चितता और अस्थिरता के मद्देनजर वह ऐसा कर रही है।
सभी आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका प्रमुख बाजार रहा है और वह आम तौर पर उनके राजस्व में लगभग 50 प्रतिशत का योगदान देता है। लेकिन पर्सिस्टेंट के मामले में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से भी अधिक है। इसके विपरीत यूरोप ने 31 दिसंबर को समाप्त तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी के राजस्व में केवल 8.5 प्रतिशत का योगदान दिया। कंपनी के मुख्य कार्य अधिकारी और प्रबंध निदेशक संदीप कालरा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम यूरोप में अपना राजस्व बढ़ाना चाहते हैं। बाजार में जो हो रहा है, उसे देखते हुए और वैसे भी हम यूरोप में राजस्व में कुछ और विविधता चाहेंगे। लक्ष्य दीर्घावधि के आधार पर 12 से 15 प्रतिशत के दायरे में होना है।’
इसके लिए कंपनी को अपनी अधिग्रहण रणनीति में बदलाव करना होगा, जो मुख्य रूप से क्षमता बढ़ाने के लिए छोटे-मोटे अधिग्रहण रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम यूरोप जाते हैं, तो हम बड़े स्तर का अधिग्रहण करेंगे, जो हमें ग्राहकों की क्षमता तक पहुंच प्रदान करेगा। हमें ग्राहकों तक पहुंच की आवश्यकता है क्योंकि यूरोप में हमारे पास यही कमी है। इस लिहाज से अमेरिका में हमारे पास ग्राहक हैं तथा हम क्षमता और बढ़ाना चाहते हैं।’