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ऑफर लेटर के बाद भी नौकरी नहीं! विप्रो में 250 ग्रेजुएट्स की भर्ती लटकी, नाइट्स का गंभीर आरोप

इन स्नातकों को पिछले साल मई में आशय पत्र जारी किया गया था। इसमें उनके चयन की पुष्टि की गई थी और उनकी भूमिका, वेचन-भत्ते के ढांचे और कंपनी में रखे जाने की प्रक्रिया का विवरण था

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- January 19, 2026 | 10:07 PM IST

द नेसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी एम्प्लॉइज सीनेट (नाइट्स) ने श्रम और रोजगार मंत्रालय को पत्र लिखकर वैश्विक आईटी कंपनी विप्रो पर लगभग 250 इंजीनियरिंग स्नातकों को काम पर रखने में देरी करने का आरोप लगाया है, जबकि कंपनी ने ऑफर लेटर और औपचारिक संपर्क के जरिये प्रतिबद्धता जताई थी।

इन स्नातकों को पिछले साल मई में आशय पत्र जारी किया गया था। इसमें उनके चयन की पुष्टि की गई थी और उनकी भूमिका, वेचन-भत्ते के ढांचे और कंपनी में रखे जाने की प्रक्रिया का विवरण था। कई मामलों में कंपनी ने काम पर रखे जाने की तारीख, कार्यस्थल और दस्तावेज संबंधी औपचारिकताओं के पूरा होने की पुष्टि करते हुए कंपनी में रखे जाने की औपचारिक सूचना भी जारी की गई थी। एनआईटीईएस ने कहा कि इसके बावजूद कर्मचारियों को बताई गई तारीखों पर काम पर नहीं रखा गया।

पत्र में कहा गया है, ‘कई महीनों की अवधि के दौरान प्रभावित उम्मीदवारों ने आधिकारिक ईमेल, कॉल और लिखित बायानों के माध्यम से बार-बार कंपनी से अपनी नियुक्ति की स्थिति के बारे में स्पष्टता मांगी। इसकी प्रतिक्रिया में उन्हें या तो कोई जवाब नहीं मिला या उन्हें कारोबारी मांग, भविष्य के बैचों या अस्थायी समय-सीमाओं का उल्लेख करते हुए अस्पष्ट और स्वचालित जवाब मिले और उन अस्थायी समय-सीमाओं को कभी पूरा नहीं किया गया। आज तक कोई लिखित स्पष्टीकरण, काम पर रखे जाने की निश्चित तारीख या औपचारिक निरस्तरीकरण जारी नहीं किया गया है।’

यह पिछले साल टीसीएस में हुई इसी तरह की घटना को दर्शाता है, जब भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी ने 600 से अधिक अनुभवी पेशेवरों को काम पर रखने में देरी की थी। विप्रो ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया।

First Published : January 19, 2026 | 10:07 PM IST