टाटा ग्रुप की प्रमुख फाइनेंशियल कंपनी टाटा कैपिटल ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। बीती तिमाही कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 16.9% बढ़कर 1,256.87 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,075.57 करोड़ रुपये था। तिमाही दर तिमाही देखें तो पिछले तिमाही के 1,097.32 करोड़ रुपये के मुकाबले प्रॉफिट में 14.5% की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड लागू करने से 44.04 करोड़ रुपये का असाधारण खर्चा आया है। अगर इस खर्चे को हटा दें तो प्रॉफिट और भी ज्यादा मजबूत दिखता।
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कंपनी के MD और CEO राजीव सभरवाल ने कहा कि इस तिमाही में हर प्रोडक्ट में लगातार अच्छी ग्रोथ दिखी। मोटर फाइनेंस को अलग रखें तो एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 26% बढ़कर 2,34,114 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी तरह, नए लेबर कोड के असर को हटाकर देखें तो प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 39% उछलकर 1,285 करोड़ रुपये हो गया।
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी मोटर फाइनेंस को छोड़कर 26% बढ़कर 2,936 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल यह 2,323 करोड़ रुपये थी। क्रेडिट क्वालिटी भी बेहतर हुई है। एनुअलाइज्ड क्रेडिट कॉस्ट Q2FY26 के 1.1% से घटकर 1% रह गया। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.6% पर स्थिर रहा और नेट NPA भी 0.6% पर ही टिका हुआ है।
शेयर बाजार में सोमवार को टाटा कैपिटल के शेयर 359.85 रुपये पर बंद हुए। कंपनी लगातार बिजनेस बढ़ा रही है और एसेट क्वालिटी मजबूत रखते हुए ग्रोथ पर फोकस कर रही है।