अदाणी समूह ने विमानन, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी अवसंरचना, डिजिटल मंचों और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में 66 अरब डॉलर के निवेश की रूपरेखा पेश की है। इससे भारत की वृद्धि प्राथमिकताओं के अनुरूप निजी पूंजी के बड़े पैमाने पर निवेश के नए चरण का संकेत मिलता है।
दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक के दौरान अपनी योजनाएं प्रस्तुत करते हुए समूह ने कहा कि यह निवेश महाराष्ट्र, असम और झारखंड में किया जाएगा। यह अलग-अलग परिसंपत्तियों के निर्माण से हटकर एकीकृत, प्रौद्योगिकी आधारित अवसंरचना मंचों की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है। अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी ने निवेश के पैमाने और विभिन्न क्षेत्रों में इसके विस्तार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि नियोजित राशि अगले 7 से 10 वर्ष में खर्च की जाएगी।
फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी लॉरियल के इस साल नवंबर में हैदराबाद में अपना ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) शुरू करने की संभावना है। डब्ल्यूईएफ बैठक से इतर लॉरियल के सीईओ निकोलस हियरोनिमस ने यह घोषणा की। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रसाधान प्रौद्योगिकी (ब्यूटी-टेक) कंपनी 2030 तक 3,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और एआई विशेषज्ञों, प्रौद्योगिकी इंजीनियर एवं डेटा वैज्ञानिकों सहित 2,000 उच्च-कौशल उन्नत प्रौद्योगिकी नौकरियां सृजित करेगी। यह निवेश बड़े पैमाने पर एआई-संचालित अत्याधुनिक ‘ब्यूटी सॉल्यूशंस’ की आपूर्ति को तेज करेगा। सरकारी अधिकारी ने बताया कि तेलंगाना में स्थापित होने वाला लॉरियल का यह केंद्र ब्यूटी-टेक क्षेत्र में दुनिया का पहला जीसीसी होगा और इसमें 2,000 ब्यूटी-टेक इंजीनियर के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
आंध्र प्रदेश के आईटी, इलेक्ट्रॉनिक एवं शिक्षा मंत्री नारा लोकेश और ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट के अध्यक्ष कॉनर टेस्की ने डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक 2026 से इतर यहां उच्चस्तरीय बैठक की। सरकारी बयान के अनुसार, लंदन में हुई पिछली बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने आपसी सहयोगी की प्रगति की समीक्षा की और विशाखापत्तनम में आयोजित ‘सीआईआई पार्टनरशिप समिट’ में हस्ताक्षरित 12 अरब डॉलर के एमओयू के तहत अगले चरण को बढ़ाने पर चर्चा हुई। दावोस में हुई चर्चाएं विशाखापत्तनम में ब्रुकफील्ड के स्वच्छ ऊर्जा से संचालित, गीगावाट-स्तर के डेटा सेंटर परिसर को शीघ्र विकसित करने पर केंद्रित रहीं।