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Q3 नतीजों में सुस्ती: मुनाफा वृद्धि 17 तिमाहियों के निचले स्तर पर, आईटी और बैंकिंग सेक्टर दबाव में

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इन कंपनियों का कुल शद्ध लाभ 98,621 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 95,328 करोड़ रुपये से अधिक है

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कृष्ण कांत   
Last Updated- January 19, 2026 | 11:10 PM IST

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शुरुआती दौर के नतीजे थोड़े निराश करते हैं क्योंकि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती से लाभ होने के बावजूद मुनाफा वृद्धि में गिरावट आई और आय में एक अंक की ही वृद्धि हुई है। आईटी कंपनियों और रिलायंस इंस्डट्रीज के कमजोर प्रदर्शन से मुनाफे पर असर पड़ा जबकि आय वृद्धि के मामले में बैंक पीछे रहे।

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए अभी तक 143 कंपनियों ने नतीजे जारी किए हैं। इन कंपनियों का कुल लाभ पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में केवल 3.5 फीसदी बढ़ा जबकि वित्त वर्ष 2025 में इसमें 11.2 फीसदी और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 10.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। कम से कम पिछली 17 तिमाहियों में इन कंपनियों की कमाई का यह सबसे खराब प्रदर्शन है।

इन कंपनियों का समायोजित शुद्ध लाभ 8.1 फीसदी बढ़ा जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 10.3 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 11.7 फीसदी बढ़ा था।

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इन कंपनियों का कुल शद्ध लाभ 98,621 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 95,328 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के करीब 1 लाख करोड़ रुपये की तुलना में कम है।

तुलनात्मक रूप से बैंक, वित्त और बीमा (बीएफएसआई) तथा तेल और गैस को छोड़कर नमूने में शामिल कंपनियों के कुल शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर गिरावट देखी गई, जो दो साल में पहली बार हुआ है। हालांकि समूचे नमूने की तुलना में इस क्षेत्र की कंपनियों की मुनाफा वृद्धि अपेक्षाकृत बेहतर रही है।

नमूने में शामिल कंपनियों की कुल शुद्ध बिक्री चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 7.4 फीसदी अधिक रही जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 7.8 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 6.3 फीसदी बढ़ी थी। इनकी कुल शुद्ध बिक्री चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 7.93 लाख करोड़ रुपये रही जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 7.38 लाख करोड़ रुपये थी।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस और विप्रो जैसी आईटी कंपनियों ने नई श्रम संहिता से संबंधित लागत के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जिससे वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में उनके मुनाफे में कमी देखी गई।

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में आईटी कंपनियों के कुल शुद्ध लाभ में 9.1 फीसदी की गिरावट देखी गई जबकि वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में इनका शुद्ध मुनाफा 13.4 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 3.3 फीसदी बढ़ा था। इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इन कंपनियों का समायोजित शुद्ध लाभ 6.3 फीसदी बढ़ा जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 10.2 फीसदी बढ़ा था।

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आईटी कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ 26,047 करोड़ रुपये रहा जो पिछली 8 तिमाही में सबसे कम है। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आईटी कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ 28,655 करोड़ रुपये था। इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इन कंपनियों का समायोजित शुद्ध लाभ 30,473 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 28,655 करोड़ रुपये था।

हालांकि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आईटी कंपनियों की कुल आय 7.7 फीसदी बढ़ी जो पिछली 10 तिमाही में सबसे तेज वृद्धि है। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में इनकी कुल आय 5 फीसदी बढ़ी थी। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इन कंपनियों की कुल शुद्ध बिक्री 1.80 लाख करोड़ रुपये रही जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1.76 लाख करोड़ रुपये और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1.83 लाख करोड़ रुपये थी।

बैंकों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। नमूने में शामिल 13 सूचीबद्ध बैंकों की चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल ब्याज आय महज 1.9 फीसदी बढ़ी जो 17 तिमाही में सबसे कम वृद्धि है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में इनकी सकल ब्याज आय 10.1 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 3.1 फीसदी बढ़ी था। हालंकि बैंकों की शुद्ध ब्याज आय वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 5.2 फीसदी बढ़ी जबकि दूसरी तिमाही में इसमें 4.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी और पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह 9.3 फीसदी बढ़ी थी।

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सूचीबद्ध बैंकों का कुल शुद्ध मुनाफा 9.3 फीसदी बढ़ा जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 12.5 फीसदी वृद्धि से कम है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में बैंकों का कुल शुद्ध मुनाफा 44,988 करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 41,142 करोड़ रुपये और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 46,003 करोड़ रुपये था।

नमूने में ज्यादातर बैंक, आईटी कंपनियों के साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज का दबदबा रहा। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में नमूने में शामिल कुल कंपनियों की शुद्ध बिक्री में इनकी हिस्सेदारी 83.3 फीसदी और लाभ में 90.9 फीसदी हिस्सेदारी रही। समायोजिक शुद्ध लाभ में इनका हिस्सा 91.2 फीसदी रहा।

First Published : January 19, 2026 | 10:46 PM IST