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कमाई और डील्स में दम, फिर भी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स पर महंगे वैल्यूएशन का दबाव

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 42.2 करोड़ डॉलर का राजस्व दर्ज किया। यह डॉलर के लिहाज से तिमाही आधार पर 4 प्रतिशत अधिक है

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देवांशु दत्ता   
Last Updated- January 22, 2026 | 9:48 PM IST

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 42.2 करोड़ डॉलर का राजस्व दर्ज किया। यह डॉलर के लिहाज से तिमाही आधार पर 4 प्रतिशत अधिक है जबकि स्थिर मुद्रा में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। समायोजित परिचालन लाभ मार्जिन 16.7 प्रतिशत रहा। परिचालन लाभ में तिमाही आधार पर 8.2 प्रतिशत और एक साल पहले की तुलना में 38.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह लगभग 630 करोड़ रुपये रहा। समायोजित शुद्ध लाभ लगभग 500 करोड़ रुपये रहा जो तिमाही आधार पर 7.4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 35.7 प्रतिशत अधिक है। इस समायोजन में 89 करोड़ रुपये का एकबारगी श्रम कानून से जुड़े प्रभाव शामिल नहीं है।

वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में कंपनी का राजस्व 23 फीसदी बढ़ा, समायोजित परिचालन लाभ में 39 फीसदी की तेजी आई और समायोजित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 40 प्रतिशत उछला। ईपीएस 28.2 रुपये रही। सालाना आधार पर इसमें 16 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। बोर्ड ने 22 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश को मंजूरी दी है। इसका पेआउट रेश्यो 78.7 प्रतिशत है।

पिछले 12 महीनों की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (टीसीवी) 67.45 करोड़ डॉलर थी, जो एक तिमाही से पहले की तुलना में 11 प्रतिशत ज्यादा है। सालाना कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (एसीवी) की वृद्धि टीसीवी में बढ़त के मुकाबले अ​धिक रही। एसीवी पिछली तिमाही की तुलना में 12.1 प्रतिशत (पिछले साल की तुलना में 17.2 प्रतिशत) बढ़कर 50.2 करोड़ डॉलर हो गई, जिसमें 25.6 करोड़ डॉलर की नई बुकिंग हुई। शुद्ध नई टीसीवी पिछली तिमाही की तुलना में 5.6 प्रतिशत बढ़कर 36.9 करोड़ डॉलर रही। कर्मचारियों की संख्या में पिछली तिमाही की तुलना में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और 487 नए कर्मचारी जुड़े और उपयोगिता स्तर पिछली तिमाही की तुलना में 20 आधार अंक बढ़कर 88.4 प्रतिशत हो गया।

राजस्व में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे पता चलता है कि उत्पादकता में कितनी वृद्धि हुई है। सीजनल कमजोरी के बावजूद, समायोजित परिचालन लाभ मार्जिन में तिमाही आधार पर 40 आधार अंक की बढ़ोतरी हुई। एकमुश्त लाइसेंस शुल्क ने भी मार्जिन सुधार में 150 आधार अंक का योगदान दिया। लेकिन एकमुश्त वेतन वृद्धि के प्रभाव से इसकी बढ़त खत्म हो गई। सीजनल छुट्टियों से मार्जिन में 20 आधार अंक की गिरावट आई।

शीर्ष  100 ग्राहकों ने राजस्व में 82 फीसदी योगदान दिया और इन ग्राहकों से राजस्व 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। 50.2 करोड़ डॉलर की एसीवी और बहुवर्षीय सौदे जारी रहने से कंपनी को वृद्धि की रफ्तार मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2025 में 2 अरब डॉलर का राजस्व हासिल करना है, जिसका मतलब है वित्त वर्ष 2025-27 में ​स्थिर मुद्रा में 18 फीसदी की सालाना वृद्धि और अगली पांच तिमाहियों में लगभग 3.5 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि।

प्रबंधन प्रति कर्मचारी कार्य क्षमता को बेहतर बनाने के लिए टेक्नॉलजी (यानी एआई) के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है। इसके सॉफ्टवेयर लाइसेंस राजस्व में थर्ड-पार्टी लाइसेंस के साथ-साथ आईऑरा और एसएएसवीए जैसे प्रोप्राइटरी प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं। इन्हें अलग से उत्पाद के रूप में बेचने के बजाय क्लाइंट के साथ सौदे में शामिल किया जाता है।

कंपनी प्रबंधन का मानना है कि फर्म मार्च 2027 और मार्च 2030 तक क्रमशः 2 अरब डॉलर और 5 अरब डॉलर का राजस्व हासिल करने की राह पर है। जहां वित्त वर्ष 2027 का लक्ष्य हासिल करने की संभावना लग रही है, वहीं 5 अरब डॉलर के लक्ष्य के लिए वृद्धि की रफ्तार तेज करने की जरूरत होगी।  हालांकि पर्सिस्टेंट की वृद्धि दर अच्छी है, लेकिन इसका मूल्यांकन महंगा लग रहा है, जो अनुमानित वित्त वर्ष 2026 के पीई का लगभग 52 गुना है।

First Published : January 22, 2026 | 9:43 PM IST