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‘आने वाला है बड़ा झटका, ईंधन की बढ़ती कीमतों से मचेगी खलबली’, बोले उदय कोटक: हमें तैयार रहने की जरूरतआर्थिक अनुमानों में विरोधाभास! क्या वाकई सुरक्षित है भारत का ‘मिडिल क्लास’ और घरेलू बजट?Q4 Results: डॉ. रेड्डीज, टॉरंट पावर से लेकर बर्जर पेंट्स तक, किस कंपनी का Q4 में कैसा रहा हाल?PM Modi Europe Visit: हरित ऊर्जा और सेमीकंडक्टर पर रहेगा फोकस, नॉर्डिक समिट पर टिकीं सबकी नजरेंEditorial: राजकोषीय घाटा 5% तक पहुंचने की आशंका, पटरी से उतर सकता है देश का बजटRBI की नीतियों में कहां रह गई कमी? पेमेंट और क्षेत्रीय बैंकों के फेल होने के पीछे ‘डिजाइन’ दोषीरुपये में एतिहासिक गिरावट! पहली बार 95.75 के पार पहुंचा डॉलर, आम आदमी पर बढ़ेगा महंगाई का बोझIT कंपनियों ने निवेशकों पर लुटाया प्यार! AI के खतरों के बीच FY26 में दिया ₹1.3 लाख करोड़ का डिविडेंड और बायबैकन्यायपालिका में होगा बड़ा बदलाव! बुनियादी ढांचे के लिए ₹50,000 करोड़ के आवंटन की तैयारी में CJIPM Modi UAE Visit: होर्मुज संकट के बीच फुजैरा पर भारत की नजर, PM के दौरे में इसपर सबसे ज्यादा फोकस

लेखक : देवांशु दत्ता

आज का अखबार, कंपनियां, शेयर बाजार

बजाज फाइनैंस के नतीजों से गदगद हुए विश्लेषक: मुनाफे में 22% का उछाल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में बजाज फाइनैंस के वित्तीय नतीजे अनुमानों के अनुरूप रहे। प्रावधान खर्च में नरमी की वजह से कर बाद लाभ (पीएटी) सालाना आधार पर 22 फीसदी और तिमाही आधार पर 28 फीसदी बढ़ा। शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) में पिछले साल से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसे प्रबंधन अधीन […]

आज का अखबार, लेख

लोकतंत्र या चुनावी तानाशाही? वैश्विक सूचकांकों में भारत की रेटिंग और परिसीमन की पेचीदगियां

कई स्वतंत्र राजनीतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत की लोकतांत्रिक स्थिति कमजोर हुई है। राजनीतिक वैज्ञानिक भारत को ‘हाइब्रिड शासन’ कहते हैं, जिसका अर्थ है कि यह न तो पूर्ण लोकतंत्र है और न ही पूर्ण निरंकुश शासन।   भारत तीन सर्वमान्य वैश्विक लोकतंत्र सूचकांकों में निम्न स्थान पर है। इकनॉमिस्ट डेमोक्रेसी इंडेक्स […]

आज का अखबार, बाजार, शेयर बाजार

विंडफॉल टैक्स बदलाव से तेल कंपनियों पर दबाव, डीजल-एटीएफ मार्जिन में गिरावट का खतरा

सरकार ने निर्यात पर भारी लाभ की कर दरों में बदलाव किया है; इसके तहत डीजल पर कर की दर बढ़ाकर करीब 55.5 रुपये प्रति लीटर (या 95 डॉलर प्रति बैरल) कर दी गई है, जो पहले की दर करीब 21.5 रुपये प्रति लीटर (36 डॉलर प्रति बैरल) से काफी ज्यादा है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल […]

आज का अखबार, लेख

हथियारों और तेल के भंडार की लड़ाई: ईरान युद्ध कब रुकेगा, किसी को नहीं पता

छोटी लड़ाइयां सामरिक कुशलता से जीती जा सकती हैं, लेकिन लंबी लड़ाइयां आमतौर पर रसद और औद्योगिक क्षमता से जीती जाती हैं। ईरान युद्ध अब अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। अब इसकी जीत और हार इस बात पर टिकी हो सकती है कि दोनों पक्षों में से किसके पास किस तरह के […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

क्या फिर लौट रहा है 1939 जैसा दौर? दूसरे विश्व युद्ध और वर्तमान तेल संकट की डराने वाली समानताएं

द्वितीय विश्व युद्ध और वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के बीच कुछ समानताएं स्पष्ट हैं। द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत अलग-अलग क्षेत्रीय संघर्ष से हुई जो अंतत: एक विशाल वैश्विक संघर्ष में तब्दील हो गए। इतिहासकार द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत सितंबर 1939 से मानते हैं, जब जर्मनी (और सोवियत संघ) ने पोलैंड पर आक्रमण किया तथा […]

आज का अखबार, भारत

अमेरिकी टैरिफ का झटका: सोलर निर्यात पर दबाव, घरेलू क्षमता में ओवरसप्लाई का खतरा

भारत में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिए जाने की वजह से सौर उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और आगामी बड़े लक्ष्यों का मतलब है कि मौजूदा पूंजीगत खर्च से और ज्यादा क्षमता विकसित होगी। आपूर्ति श्रृंखला में कुछ हद तक आपूर्ति-मांग में अंतर और अत्य​धिक क्षमता का जो​खिम है। मॉड्यूल क्षमता घरेलू इंस्टॉलेशन की […]

आज का अखबार, लेख

सुरक्षा के नाम पर अव्यवस्था और ‘चीनी’ रोबोडॉग का स्वदेशी दावा, AI इम्पैक्ट समिट पर उठे गंभीर सवाल

एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य उभरते हुए भारत की प्रतिभा को प्रदर्शित करना था। देश को अपनी संगठनात्मक क्षमता और वर्तमान में चर्चित इस उद्योग में अपनी बहुआयामी भूमिका का प्रदर्शन करना था। लेकिन यह गलत कारणों से चर्चा में रहने वाली एक ऐसी घटना साबित हुई जिसमें बार-बार सफाई देनी पड़ी।   अनेक प्रतिनिधियों और […]

आज का अखबार, लेख

क्या खत्म हो रहा है स्थायी दोस्ती का दौर? ट्रंप की नीतियों ने हिला दी वैश्विक गठबंधनों की बुनियाद

अमेरिका और कनाडा के बीच आखिरी सैन्य संघर्ष 1812 में हुआ था। कनाडा उस समय ब्रिटेन का उपनिवेश था। अमेरिका और कनाडा की सरहद लंबे समय से खुली रही हैं और उन्होंने कई बार एक ही पाले में युद्ध लड़े हैं। अमेरिका का जर्मनी और जापान के साथ आखिरी सैन्य संघर्ष 1945 में हुआ था। […]

आज का अखबार, कंपनियां, बाजार, शेयर बाजार, समाचार

NMDC Q3FY26 Results: रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹7,610 करोड़; उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी जारी

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में एनएमडीसी का समेकित राजस्व 7,610 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत और पिछली तिमाही के मुकाबले 19 प्रतिशत ज्यादा है। राजस्व में बढ़ोतरी खासकर पेलेट्स की बिक्री में सुधार के कारण हुई। औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) 5,993 रुपये प्रति टन रहा, जो पिछले […]

आज का अखबार, कंपनियां, बाजार, शेयर बाजार, समाचार

कमाई और डील्स में दम, फिर भी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स पर महंगे वैल्यूएशन का दबाव

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 42.2 करोड़ डॉलर का राजस्व दर्ज किया। यह डॉलर के लिहाज से तिमाही आधार पर 4 प्रतिशत अधिक है जबकि स्थिर मुद्रा में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। समायोजित परिचालन लाभ मार्जिन 16.7 प्रतिशत रहा। परिचालन लाभ में तिमाही आधार पर 8.2 प्रतिशत और […]

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