PSU Bank Stock: मजबूत फंडामेंटल और आकर्षक वैल्यूएशन के चलते सरकारी सेक्टर (PSB) के बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) पर ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल (Emkay Global) बुलिश है। ब्रोकरेज का PSB सेक्टर को लेकर रुख सकारात्मक हैं। उसका कहना है कि इस सेक्टर में बैंक ऑफ बड़ौदा के लिए मजबूत रिटर्न रेशियो, पर्याप्त कैपिटल बफर, स्थिर प्रबंधन टीम, और उचित वैल्यूएशन इसे एक दमदार विकल्प बनाते हैं। दमदार आउटलुक पर ब्रोकरेज ने बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB Stock Price) में निवेश की सलाह दी है। साथ ही टारगेट प्राइस में भी बढ़ोतरी की है।
एमके ग्लोबल ने BoB पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही टारगेट प्राइस 330 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये किया है। स्टॉक फिलहाल 290 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इस तरह यह PSU Stock मौजूदा भाव से करीब 21 फीसदी का अपसाइड दिखा सकता है। बैंक का वैल्यूएशन FY27 के अनुमानित एडजस्टेड बुक वैल्यू (ABV) के 0.9 मल्टीपल पर है, जो इसे आकर्षक बनाता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के स्टॉक परफॉर्मेंस की बात करें, तो बीते एक साल में यह शेयर 18 फीसदी उछला है। जबकि 6 महीने में शेयर 22 फीसदी, 3 महीने में करीब 15 फीसदी उछला है। शेयर का 52 हफ्ते का हाई 303.90 और लो 190.70 है। वहीं, कंपनी का मार्केट कैप 1.50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
Also Read: 2026 में 43% तक अपसाइड दिखा सकते हैं ये 5 दमदार शेयर, ब्रोकरेज की सलाह- BUY करें
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक बैंक मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आगे भी क्रेडिट ग्रोथ 11 से 13 फीसदी के बीच बनी रहेगी। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से रिटेल लोन, MSME, और कॉरपोरेट सेगमेंट से आएगी। इसके अलावा, बैंक का विदेशी कारोबार भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, जिसे रुपये की कमजोरी से फायदा मिल रहा है।
मैनेजमेंट का मानना है कि कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) करीब 2.8 फीसदी पर स्थिर रह सकता है। जबकि कुल मार्जिन दूसरी छमाही (H2) में 2.85 से 3 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है। इसमें आयकर रिफंड पर मिलने वाला ब्याज भी निकट अवधि में सहारा देगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने संभावित ECL (Expected Credit Loss) फ्रेमवर्क को ध्यान में रखते हुए करीब ₹10 अरब रुपये का फ्लोटिंग प्रोविजन रखा है, जो कुल लोन का लगभग 0.1 फीसदी है। ड्राफ्ट ECL नियमों के लागू होने पर CET-1 कैपिटल पर करीब 75 बेसिस पॉइंट का असर पड़ सकता है। हालांकि, मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह असर कुछ कम भी हो सकता है।
PSB के विलय को लेकर चल रही अटकलों पर बैंक मैनेजमेंट ने साफ किया कि बैंक इस समय किसी भी तरह की विलय चर्चा में शामिल नहीं हैं। हालांकि, उनका मानना है कि अगर भविष्य में ऐसा कोई कदम उठता है, तो यह पहले के मुकाबले कम दिक्कतभरा होगा, क्योंकि ज्यादातर बैंक अब बेहतर स्थिति में हैं और पिछली बार के अनुभव से सीख भी मिली है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)