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AI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

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इंडियाएआई के सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि  जहां तक भारत की बात है, हम अपनी क्षमताओं और कंप्यूटर पहुंच से अवगत हैं

Last Updated- January 05, 2026 | 10:30 PM IST
IndiaAI Chief Executive Officer (CEO) Abhishek Singh
इंडियाएआई के सीईओ अभिषेक सिंह | फाइल फोटो

इंडियाएआई के सीईओ अभिषेक सिंह ने नई दिल्ली में आशिष आर्यन के साथ बातचीत में कहा कि भारत एआई इम्पैक्ट समिट का इस्तेमाल दुनिया भर की कंपनियों और देशों को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) सेवा प्रदाता के तौर पर खुद को दिखाने के लिए करेगा। सिंह ने कहा कि भले ही भारत के पास उन देशों और कंपनियों जितनी बड़ी संख्या में जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) फार्मों तक पहुंच न हों, लेकिन इसकी खासियत स्थानीय रूप से प्रशिक्षित किए गए मानदंडों का इस्तेमाल करके बनाए गए स्वदेशी मॉडलों पर उत्पादों का निर्माण करने  में है। बातचीत के मुख्य अंश:

नई दिल्ली में फरवरी में होने वाले सम्मेलन से क्या उम्मीदे हैं?

यह कार्यक्रम ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला एआई इम्पैक्ट समिट होगा। जब सदस्य पहली बार 2023 में ब्लेचले पार्क में मिले, तो मुख्य चिंता सुरक्षा, फ्रंटियर एआई मॉडलों से उत्पन्न जोखिम और इसे लेकर थी कि सरकारों को यह सुनिश्चित करने के लिए क्या करना चाहिए जिससे एआई का उपयोग अधिक लाभ के लिए और कम नुकसान के साथ किया जाए।

इसके बाद दक्षिण कोरिया ने अगले शिखर सम्मेलन की मेजबानी की और फ्रांस ने 2025 में एआई एक्शन समिट की मेजबानी की। पिछले तीन वर्षों में दायरा बढ़ गया है और अब कंपनियां और देश नवाचार, काम का भविष्य, विकास, एआई का लोकतंत्रीकरण, सामाजिक भलाई और ग्लोबल साउथ के बारे में सोच रहे हैं।

एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रेरक संवाद क्या हो सकते हैं?

इस बार संवाद का प्राथमिक ध्यान ग्लोबल साउथ को आवाज देना और यह सुनिश्चित करना होगा कि जब इस तकनीक का प्रसार और प्रचार किया जाए तो एआई उपयोगकर्ताओं को भी ध्यान में रखा जाए। यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि हर किसी के पास कंप्यूटर, डेटासेट और एल्गोरिदम तक पहुंच हो और एआई अनुप्रयोगों के लिए एक बाजार हो, जिनके बारे में एआई इम्पैक्ट समिट में चर्चाओं को भी बढ़ावा देगा।

हम सुरक्षित और भरोसेमंद एआई के लिए उपकरण विकसित करने, सभी स्तरों पर क्षमता निर्माण और अनुसंधान सहयोग और सूचना साझाकरण के लिए वैश्विक नेटवर्क स्थापित करने के आसपास संवाद पर भी ध्यान देंगे।

भारत ने जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी डिजिटल पब्लिक गुड्स की कहानी को प्रदर्शित करने पर ध्यान केंद्रित किया। इस बार भारत से किन समाधानों को प्रदर्शित किए जाने की उम्मीद की जा सकती है?

जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान, हमने दिखाया कि कैसे हमारे डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) ने भारत को एक ऐसे देश के रूप में पेश करने में सक्षम बनाया है जहां प्रौद्योगिकी समाधान अन्य जगहों की तुलना में लागत के महज एक हिस्से पर बनाए जाते हैं। इसी तरह, एआई  में, हम खुद को एक प्रौद्योगिकी दिग्गज और तकनीकी प्रतिभा से भरपूर देश के रूप में स्थापित कर रहे हैं।  

वैश्विक एआई की दौड़ में देश खुद को कैसे स्थापित करता है?

 जहां तक भारत की बात है, हम अपनी क्षमताओं और कंप्यूटर पहुंच से अवगत हैं। हमारे पास जीपीयू फार्म तक पहुंच नहीं है जो कई पश्चिमी कंपनियों और देशों के पास है।

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First Published - January 5, 2026 | 10:27 PM IST

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