फ्रांस की वाहन विनिर्माता कंपनी रेनो ने अपनी नई रणनीतिक योजना ‘फ्यूचरेडी’ का आज ऐलान किया। इसके जरिये कंपनी ने साल 2030 तक 20 लाख रेनो-ब्रांडेड वाहन बेचने का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसमें से आधे वाहन यूरोप के बाहर से होंगे। इससे भी खास बात यह है कि भारत को यूरोप के बाहर तीन प्रमुख विकास केंद्रों में से एक के रूप में चुना गया है और इसे वैश्विक उत्पादन केंद्र बनाने की योजना है।
इस रणनीति के आधार पर रेनो अगले पांच वर्षों में 36 नए मॉडल पेश करने की योजना बना रही है। इनमें यूरोप के बाहर 14 मॉडल शामिल हैं, जबकि पिछले पांच वर्षों में ऐसे केवल आठ मॉडल थे। अब से साल 2030 के बीच भारत में चार नए मॉडल डिजाइन और असेंबल किए जाएंगे, जिनमें 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक और पूरी तरह हाइब्रिड कारें भी शामिल हैं।
ब्रिजर कॉन्सेप्ट भारत में दो साल के भीतर बनने वाली ऐसी पहली गाड़ी है, जो रेनो ग्रुप के नए मानकों के अनुरूप है। रेनो ग्रुप के मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म या आरजीएमपी स्मॉल (इसका नया नाम) पर डिजाइन की गई यह गाड़ी बाजार के हिसाब से गैस-तेल, हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक संस्करण में मिलेगी। इसे शुरू में भारत में साल 2027 के आखिर तक पेश किया जाएगा और धीरे-धीरे दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उतारा जाएगा।
भारत में 15 वर्षों से मौजूद रेनो ने कहा कि वह बाजार के अपनी गहन जानकारी और पूरी तरह से एकीकृत स्थानीय तंत्र का लाभ उठा रही है। एक बयान में कहा गया, ‘इस तरह भारत ब्रांड के लिए वैश्विक उत्पादन और आपूर्ति केंद्र बन जाएगा, जो अपने देसी बाजार के साथ-साथ कई अन्य देशों को भी सेवा देगा।’
रेनो ग्रुप के मुख्य कार्य अधिकारी फ्रांक्वा प्रोवोस्ट ने कहा, ‘यह योजना चार स्तंभों पर आधारित है – वृद्धि के लिए तैयार, तकनीक की दृष्टि से तैयार, उत्कृष्टता के लिहाज से तैयार और भरोसे की दृष्टि से तैयार। हम अब से साल 2030 के बीच 36 नए मॉडल पेश करने और अपने वाहनों के जीवनकाल के दौरान ग्राहक अनुभव को काफी हद तक बदलने की योजना बना रहे हैं। हम सभी प्रमुख तकनीकों के लिए अपनी तकनीकी कार्ययोजना तेज करेंगे। हम परिचालन प्रदर्शन के लिए भी अत्यधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करेंगे, जिनमें एआई का व्यापक उपयोग किया जाएगा।’