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ECL के लिए केनरा बैंक को ₹10,000 करोड़ अतिरिक्त प्रावधान की जरूरत

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केनरा बैंक ने अनुमान लगाया है कि अपेक्षित ऋण घाटा (ECL) ढांचे के तहत करीब 10,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान की आवश्यकता होगी।

Last Updated- May 14, 2026 | 11:19 AM IST
Hardeep Singh Ahluwalia, executive director, Canara Bank
हरदीप सिंह अहलूवालिया, कार्यकारी निदेशक, केनरा बैंक

केनरा बैंक के कार्यकारी निदेशक हरदीप सिंह अहलूवालिया के पास प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी है। उन्होंने अंजलि कुमारी को टेलीफोन पर दिए साक्षात्कार में बताया कि केनरा बैंक ईसीएलजी 5.0 योजना के अंतर्गत 18,000 करोड़ से 20,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण देगा। इसका वितरण इसी सप्ताह शुरू हो जाएगा। मुख्य अंश :

अपेक्षित ऋण घाटा (ईसीएल) ढांचे से अतिरिक्त प्रावधान की क्या जरूरत हो सकती है?

ईसीएल ढांचा भविष्योन्मुखी है। सिस्टम के स्तर पर कार्यान्वयन के बाद ही सटीक प्रावधान स्पष्ट होगा। बैंक को दिसंबर से पहले कार्यान्वयन की उम्मीद है और फिर अधिक सटीक आंकड़े सामने आने लगेंगे। बैंक ने प्रारंभिक आधार पर कुल ईसीएल-संबंधित प्रावधान की आवश्यकता का अनुमान लगभग 10,000 करोड़ रुपये लगाया है। यह अनुमान चूक की आशंका, चूक और परिसंपत्तियों के विभिन्न चरणों में संभावित नुकसान पर आधारित है। ढांचे के तहत तीन चरण हैं : चरण 1, चरण 2 और चरण 3 और इसमें चरण 3 में एनपीए हैं। बैंक के पास वर्तमान में चरण-3 परिसंपत्तियों पर 94.2 प्रतिशत का प्रोविजन कवरेज अनुपात (पीसीआर) है जबकि चरण-1 प्रावधान पहले से ही ड्राफ्ट मानदंडों के लगभग अनुरूप है।

मुख्य अतिरिक्त प्रावधान की आवश्यकता चरण-2 परिसंपत्तियों से उत्पन्न होने की उम्मीद है, जहां अतिरिक्त प्रावधानों के लिए नियामक स्तर 0.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इस श्रेणी के लिए अतिरिक्त लगभग 2,500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। पहले, दूसरे और तीसरे चरण की संपत्तियों में डिफ़ॉल्ट की संभावना की गणना से लगभग 5,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है जबकि लगभग 2,500 करोड़ रुपये गैर-वित्तपोषित ऋणों और संभावित डिफ़ॉल्ट से प्राप्त हो सकते हैं।

चरण 1, चरण 2 और चरण 3 परिसंपत्तियों में चूक की गणना के अंतर्गत 5,000 करोड़ रुपये अपेक्षित हैं जबकि लगभग 2,500 करोड़ रुपये गैर-वित्तपोषित एक्सपोजर और चूक की आशंका से हो सकते हैं। इसके बावजूद बैंक के 19,000 करोड़ रुपये-20,000 करोड़ रुपये के वार्षिक लाभ और नियामक प्रावधान को देखते हुए प्रभाव प्रबंधन योग्य रहेगा और यह चार वर्षों में ईसीएल प्रावधानों के परिशोधन की अनुमति देता है।

अगर बैंक को पहले वर्ष में ही पूरे प्रभाव को संभाल लेता है तो भी पूंजी पर्याप्तता अनुपात में केवल लगभग 1-1.2 प्रतिशत अंकों की गिरावट आएगी। लाभप्रदता और मजबूत आंतरिक उपार्जन इसे तत्काल पूंजी जुटाने की आवश्यकता के बिना ढांचे को लागू करने के लिए आरामदायक स्थिति में रखते हैं। यदि भविष्य में आवश्यकता उत्पन्न होती है तो हम कोष जुटाने के विकल्पों का पता लगा सकते हैं।

बैंक ईसीएलजीएस 5.0 के तहत कितना अतिरिक्त ऋण देने की उम्मीद करता है?

हम योजना के तहत 18,000 करोड़ रुपये से 20,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण देने की उम्मीद करते हैं। हमने पहले ही योग्य खातों की पहचान कर ली है और इसी सप्ताह ऋण देना शुरू हो जाएगा।

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First Published - May 14, 2026 | 11:19 AM IST

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