सरकारी स्टील कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई डायरेक्ट काफी उत्साहित नजर आ रही है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी को आगे मजबूत मांग और सरकार की नीतियों का फायदा मिल सकता है। इसलिए ब्रोकरेज ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने SAIL के शेयर के लिए ₹200 का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा कीमत के मुकाबले इसमें करीब 33% तक बढ़त की संभावना जताई गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर SAIL का शेयर पिछली ट्रेडिंग में ₹150.15 पर बंद हुआ था।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट का कहना है कि आने वाले सालों में भारत में स्टील की मांग तेजी से बढ़ सकती है। इसका फायदा SAIL जैसी स्टील कंपनियों को मिल सकता है। भारत आज तैयार स्टील का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है, लेकिन यहां प्रति व्यक्ति स्टील का इस्तेमाल अभी भी कम है।
भारत में एक व्यक्ति औसतन करीब 103 किलोग्राम स्टील इस्तेमाल करता है, जबकि दुनिया का औसत लगभग 215 किलोग्राम है। सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2031 तक कच्चे स्टील की क्षमता 300 मिलियन टन तक पहुंचाई जाए और प्रति व्यक्ति इस्तेमाल को 160 किलोग्राम तक बढ़ाया जाए। ऐसे में आने वाले समय में देश में स्टील की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
SAIL देश की बड़ी स्टील कंपनियों में से एक है। अभी कंपनी की कच्चे स्टील बनाने की क्षमता करीब 20 मिलियन टन प्रति साल है। कंपनी आने वाले समय में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। SAIL अपने IISCO स्टील प्लांट की क्षमता को 2.5 मिलियन टन से बढ़ाकर 7.1 मिलियन टन करने की तैयारी कर रही है। इस काम पर करीब ₹36,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे और इसे वित्त वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा कंपनी अपने दूसरे स्टील प्लांट्स में भी विस्तार और सुधार कर उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच SAIL की कुल बिक्री हर साल औसतन 6% की दर से बढ़कर करीब 21.5 मिलियन टन तक पहुंच सकती है।
ब्रोकरेज का कहना है कि स्टील आयात पर सरकार की तरफ से लगाई गई सेफगार्ड ड्यूटी से देश की स्टील कंपनियों को फायदा मिल सकता है। सरकार ने दिसंबर 2025 में कुछ स्टील आयात पर 12% सेफगार्ड ड्यूटी लगाई थी। इसके बाद देश में स्टील की कीमतें ₹5,000 प्रति टन से ज्यादा बढ़ गई हैं। SAIL ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में करीब ₹4,500 प्रति टन एबिट्डा दर्ज किया था। यह गिरावट दूसरी स्टील कंपनियों के मुकाबले कम रही। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि आने वाले समय में कंपनी की कमाई और बढ़ सकती है। अनुमान है कि FY26 में एबिट्डा करीब ₹5,400 प्रति टन, FY27 में ₹6,600 प्रति टन और FY28 में ₹7,500 प्रति टन तक पहुंच सकता है।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट के अनुसार SAIL का मूल्यांकन अभी दूसरी बड़ी स्टील कंपनियों के मुकाबले सस्ता है। कंपनी का EV/EBITDA मल्टीपल करीब 6 गुना है, जबकि देश की अन्य बड़ी स्टील कंपनियों में यह 8 गुना से ज्यादा है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्टील सेक्टर में आने वाले समय में तेजी आ सकती है। ऐसे में SAIL के शेयर में निवेशकों के लिए अच्छा मौका बन सकता है।
Also Read | Stock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से कमजोर संकेत, बुधवार को बाजार की कैसी रहेगी चाल?
SAIL एक महारत्न सरकारी कंपनी है, जो इस्पात मंत्रालय के अधीन काम करती है। कंपनी कई तरह के स्टील उत्पाद बनाती और बेचती है। इसके देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े स्टील प्लांट हैं, जैसे भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला, बोकारो और IISCO। ये प्लांट भारत में स्टील उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।