US Tariffs on India: अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीद को लेकर फिर से दबाव बढ़ाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत रूस मामले में सहयोग नहीं करता है, तो अमेरिकी टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं।
एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और कहा, “पीएम मोदी बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। उन्होंने समझा कि मैं खुश नहीं था। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मुझे खुश किया जाए। भारत अमेरिका के साथ व्यापार करता है, और अगर जरूरी हुआ तो हम उनके ऊपर तुरंत टैरिफ बढ़ा सकते हैं, जो उनके लिए बहुत नुकसानदेह होगा।”
पिछले साल अक्टूबर में भी ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने उन्हें आश्वस्त किया था कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं की सुरक्षा है और वह कई देशों के साथ ऊर्जा सहयोग जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने कहा था, “भारत तेल और गैस का बड़ा आयातक है। हमारी नीतियाँ हमेशा भारतीय उपभोक्ता के हित में बनाई जाती हैं।”
अमेरिका लगातार भारत पर दबाव डाल रहा है कि वह रूस से तेल आयात कम करे। पिछले साल अगस्त में अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए थे, जिसमें रूस से क्रूड ऑयल खरीद से जुड़ा 25 प्रतिशत का विशेष शुल्क भी शामिल था।
हालांकि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक बातचीत जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। भारत ने स्पष्ट किया है कि उसके फैसले हमेशा राष्ट्रीय हित के अनुसार होंगे।
पिछले साल अक्टूबर में भारत ने अमेरिका से क्रूड ऑयल का आयात बढ़ाकर लगभग 5,40,000 बैरल प्रतिदिन कर दिया, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। साथ ही भारत रूस से तेल के आयात पर भी नजर बनाए हुए है। सरकार ने रिफाइनर कंपनियों से रूस और अमेरिका से तेल की साप्ताहिक खरीद की जानकारी देने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि रूस से आयात कम होकर एक मिलियन बैरल प्रतिदिन से नीचे आने की संभावना है, ताकि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता सुनिश्चित किया जा सके।