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India US trade Talks: नए साल में फिर शुरू होगी भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता, जनवरी में बैठक तय

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अब नौ महीनों से बातचीत जारी है और कोई परिणाम नहीं निकला है। हालांकि आमने-सामने की छह से अधिक औपचारिक और अनौपचारिक बातचीत हो चुकी है

Last Updated- December 23, 2025 | 10:48 PM IST
India US Trade Deal
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत नए साल पर भी शुरू होगी। अमेरिका के व्यापार दल ने इस महीने की शुरुआत में ही भारत का दौरा किया था। साल के आखिर में छुट्टियां शुरू होने के कारण बातचीत को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। इस मामले की जानकारी देने वाले व्यक्ति ने बताया, ‘अभी (असलियत में) कोई बातचीत नहीं हो रही है।’

नए साल की शुरुआत में भारत में अमेरिकी उच्चायोग में नेतृत्व प्रदर्शन के साथ बातचीत शुरू होगी। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर भारत में अमेरिका के उच्चायुक्त का पदभार जनवरी की शुरुआत में संभालेंगे।

भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण को अंतिम रूप देने की समयसीमा को पूरा नहीं कर पाए हैं।

अब नौ महीनों से बातचीत जारी है और कोई परिणाम नहीं निकला है। हालांकि आमने-सामने की छह से अधिक औपचारिक और अनौपचारिक बातचीत हो चुकी है।

अमेरिका के डिप्टी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रिक स्विट्जर ने बीते सप्ताह भारत का दौरा किया था लेकिन समझौता को अंतिम रूप दिए जाने के बारे में स्पष्टता नहीं है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार यूएसटीआर जेमिसन ग्रीर ने हाल ही में भारत सहित दो व्यापारिक साझेदारों की कार्यशैली की आलोचना की। इससे संकेत मिलता है कि विवादित वार्ता नए साल तक खिंच सकती है। ग्रीर ने यह भी कहा कि इस साल की शुरुआत में भारत के साथ शुरू हुई बातचीत अभी तक किसी समझौते पर नहीं पहुंची है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस बीच अमेरिका ने कई अन्य व्यापारिक साझेदारों के साथ समझौते कर लिए हैं। भारतीय पक्ष लगभग दो महीने से यह दोहरा रहा है कि बातचीत के एक नए दौर की कोई आवश्यकता नहीं है और अधिकांश मतभेदों को कम कर लिया गया है। अमेरिकी पक्ष इस बात पर जोर दे रहा है कि कृषि से संबंधित बाजार में पहुंच, डिजिटल व्यापार और गैर-शुल्क बाधाएं कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें अभी भी सुलझाने की जरूरत है। भारत और अमेरिका के बीच वार्ताएं दो समानांतर रास्तों पर चल रही हैं। एक है, व्यापक व्यापार समझौता समझौता (बीटीए), जिसे साकार होने में समय लगेगा। दूसरा है अमेरिका के साथ एक ढांचागत व्यापार समझौते पर लंबी बातचीत चल रही है और यह  भारतीय निर्यातकों पर लगने वाले 50 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क के बोझ को कम करेगी।

पिछले सप्ताह वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि दोनों देश ढांचागत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं, जिसके जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने इस बहुप्रतीक्षित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कोई समयसीमा का उल्लेख नहीं किया था।  अग्रवाल ने कहा था, ‘हमने (अमेरिका के साथ) पांच-छह दौर की बातचीत की है। इसमें हमने पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) और साथ ही अंतरिम समझौते/एक फ्रेमवर्क व्यापार समझौते पर चर्चा की है, जो पारस्परिक शुल्क से संबंधित है।

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First Published - December 23, 2025 | 10:48 PM IST

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