पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच अगर कतर एनर्जी के उत्पादन में लंबे समय तक रुकावट बनी रहती है तो भारत की गैस कंपनियां औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को गैस की आपूर्ति या आवंटन की समीक्षा कर सकती है। इस बारे में जानकारी रखने वाले तीन वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने यह बात कही। घरेलू पीएनजी और सीएनजी जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए गैस आवंटन में कटौती नहीं की जाएगी।
एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘भारत फिलहाल प्रतिदिन 19.5 करोड़ मानक घन मीटर प्राकृतिक गैस की खपत करता है। इनमें से कतर एनर्जी द्वारा उत्पादन रोकने के कारण 6 करोड़ मानक घन मीटर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में व्यवधान जारी रहा तो औद्योगिक क्षेत्रों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।’
अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया। इसे देखते हुए कतर की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी कतर एनर्जी ने अपने संयंत्र में एलएनजी का उत्पादन रोक दिया है। कतर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता है।
एक गैस कंपनी के एक वरिष्ठ कार्यकारी ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को पहले से ही इस बारे में सूचित कर दिया गया है और कटौती की स्थिति में एलपीजी, तेल और अन्य विकल्प तलाशने के लिए कहा गया है।
गेल ने कहा कि वह संभावित आपूर्ति में कटौती का आकलन कर रही है क्योंकि पेट्रोनेट के साथ कतर एनर्जी के अनुबंध के तहत एलएनजी का आवंटन 4 मार्च से शून्य कर दिया गया है। गेल की अन्य स्रोतों और आपूर्तिकर्ताओं से एलएनजी की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है।
एक अधिकारी ने कहा कि भारत होर्मुज स्ट्रेज से कार्गो की सुरक्षित आवाजाही के लिए बीमा कवर के लिए अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार महत्त्वपूर्ण शिपिंग मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ईरानी हमलों के बीच होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए ‘रियायती जोखिम बीमा’ प्रदान करेगी।