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ईरान युद्ध से इजराइल की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव, 6​ दिन में 3 अरब डॉलर नुकसान का अनुमान: रिपोर्ट

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ईरान के साथ युद्ध के चलते आर्थिक गतिविधियों पर सख्त पाबंदियां लगी हैं, जिससे इजराइल की अर्थव्यवस्था को हफ्ते भर में करीब 27,000 करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान है।

Last Updated- March 05, 2026 | 4:29 PM IST
Israel iran conflict
Representational Image

ईरान के ​खिलाफ तेज होते जा रहे अमेरिका-इजरायल के साझा सैन्य अ​भियान के 6 दिन हो चुके हैं। यह लड़ाई हर दिन भीषण रूप लेती जा रही है। इस बीच, इजराइल के वित्त मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण मौजूदा आर्थिक प्रतिबंधों के चलते देश को हर हफ्ते करीब 9.4 अरब इजराइली शेकेल (लगभग 3 अरब डॉलर या 27000 करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है।

टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के महानिदेशक इलान रोम ने होम फ्रंट कमांड के प्रमुख मेजर जनरल शाय क्लैपर को एक पत्र भेजकर कहा है कि प्रतिबंधों में ढील दी जाए, ताकि गुरुवार से धीरे-धीरे और आंशिक रूप से कारोबार और कार्यस्थलों को फिर से खोला जा सके।

रोम ने कहा कि सुरक्षा स्थिति के अनुसार रक्षा नीति बनाए रखना जरूरी है, इसमें कोई विवाद नहीं है। लेकिन बड़े स्तर पर अर्थव्यवस्था को बंद करने से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। देश को ऐसा समाधान चाहिए जो नागरिक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों की जरूरतों को पूरा कर सके। पिछले ढाई साल में सुरक्षा जरूरतों के बढ़ने और युद्ध के असर के कारण अर्थव्यवस्था को पहले ही भारी कीमत चुकानी पड़ी है।

होम फ्रंट कमांड से दिशा-निर्देश जारी

शनिवार सुबह इजराइल और अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई शुरू करने के तुरंत बाद इजराइल रक्षा बलों के होम फ्रंट कमांड ने पूरे देश के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। इसके अंतर्गत, केवल जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी तरह के जमावड़ों, शैक्षणिक गतिविधियों और कार्यस्थलों पर रोक लगा दी गई।

इन नियमों के तहत काम पर जाने की आवाजाही सीमित कर दी गई है, घर से काम करने को बढ़ावा दिया गया है और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। सोमवार को ईरान के साथ संघर्ष की नई समीक्षा के बाद होम फ्रंट कमांड ने देशभर में लागू प्रतिबंधों को शनिवार रात तक बढ़ा दिया।

अलर्ट को ‘ऑरेंज’ किया जाए

रोम ने क्लैपर से कहा कि होम फ्रंट कमांड की मौजूदा ‘रेड’ चेतावनी स्तर वाली पाबंदियों को घटाकर ‘ऑरेंज’ स्तर पर किया जाए, जिसमें सीमित गतिविधियों की अनुमति होती है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा पाबंदियों के कारण हर हफ्ते अर्थव्यवस्था को करीब 9.4 अरब शेकेल का नुकसान हो रहा है। इसमें स्कूलों के बंद होने, कार्यस्थलों पर रोक और रिजर्व सैनिकों की तैनाती जैसे कारण शामिल हैं।

अगर ‘ऑरेंज’ स्तर की सीमित गतिविधियों की अनुमति दी जाती है, तो कार्यस्थल और आर्थिक गतिविधियां कुछ शर्तों के साथ शुरू हो सकती हैं, जैसे सुरक्षित स्थानों के पास रहकर काम करना, हालांकि शैक्षणिक संस्थान तब भी बंद रहेंगे।

रोम ने कहा कि इस स्थिति में अर्थव्यवस्था को हर हफ्ते करीब 4.5 अरब शेकेल (लगभग 1.5 अरब डॉलर) का नुकसान होगा, जो मौजूदा ‘रेड’ स्तर की तुलना में आधे से भी कम है। उन्होंने कहा कि इस नीति से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिलेगी और साथ ही नागरिक सुरक्षा भी बनी रहेगी, जिससे अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों की जरूरतें पूरी हो सकेंगी।

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First Published - March 5, 2026 | 4:29 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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