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इस युद्ध को 10 के पैमाने पर आंका जाए, तो अमेरिका की स्थिति 15 के बराबर: डॉनल्ड ट्रंप

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच डॉनल्ड ट्रंप का दावा- ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अमेरिका मजबूत स्थिति में, युद्ध प्रयासों को 10 में 15 बताया

Last Updated- March 05, 2026 | 8:42 AM IST
Donald Trump- डॉनल्ड ट्रंप

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका युद्ध में उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

व्हाइट हाउस में बुधवार को एक बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर इस युद्ध को 10 के पैमाने पर आंका जाए, तो अमेरिका की स्थिति 15 के बराबर है। उन्होंने कहा कि युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिकी सेना ने उम्मीद से ज्यादा मजबूती दिखाई है और अमेरिका इस समय संघर्ष में बेहद मजबूत स्थिति में है।

ईरान की सैन्य ताकत कमजोर होने का दावा

ट्रंप के अनुसार अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है और इसी वजह से वह इस संघर्ष में लगातार बढ़त बनाए हुए है। ट्रंप ने कहा कि ईरान पिछले कई दशकों से अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों में लोगों को नुकसान पहुंचाता रहा है, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिल रहा है।

परमाणु समझौते पर फिर हमला

डॉनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2015 के ईरान परमाणु समझौते की आलोचना की, जो पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुआ था। ट्रंप ने इसे “अब तक के सबसे खराब समझौतों में से एक” बताया। उन्होंने कहा कि अगर उनके कार्यकाल में इस समझौते को खत्म नहीं किया जाता, तो ईरान अब तक परमाणु हथियार हासिल कर चुका होता। ट्रंप के अनुसार उस समझौते ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने का रास्ता दे दिया था।

ईरान के मिसाइल सिस्टम पर हमले

ट्रंप ने दावा किया कि हालिया सैन्य अभियानों में ईरान के कई मिसाइल सिस्टम और लॉन्चर तेजी से नष्ट किए जा रहे हैं। उनके अनुसार ईरान अपने पड़ोसी देशों और कुछ पुराने सहयोगियों पर भी हमले कर रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि जब ‘खतरनाक लोगों के पास परमाणु हथियार होते हैं तो दुनिया के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाता है।’

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस संघर्ष के दौरान ईरान के कई प्रमुख नेता मारे गए हैं और वहां का नेतृत्व तेजी से कमजोर हो रहा है। उनके मुताबिक जो भी नेता बनने की कोशिश करता है, वह मारा जा रहा है।

वेनेजुएला के साथ संबंधों पर भी बोले

ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ अमेरिका के संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां की सरकार और प्रतिनिधियों के साथ अमेरिका के रिश्ते अच्छे हैं और दोनों देशों को इससे फायदा हो रहा है। उनके मुताबिक अमेरिका वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में तेल ले रहा है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और वहां के लोगों की स्थिति भी बेहतर हो सकती है।

अमेरिका-इजराइल हमलों से बढ़ा तनाव

दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल ठिकानों और सरकारी ढांचे को निशाना बनाया गया।

इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए। तेहरान समेत कई बड़े शहरों में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आई थीं।

ईरान का जवाबी हमला

इन हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों की ओर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे। इन हमलों का असर इजराइल, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन तक देखा गया। इसके बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है और आम लोगों तथा विदेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। (ANI के इनपुट के साथ)

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First Published - March 5, 2026 | 8:42 AM IST

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