Stocks to Buy: एशियाई बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (5 मार्च) को चार दिन से जारी गिरावट के बाद बढ़त में खुले। ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच हैवीवेट शेयरों में बढ़त से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, निवेशक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सतर्क बने हुए हैं। पिछले तीन सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में इस स्थति के बीच ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने दो पोर्ट ऑपरेटर कंपनी अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (Adani Ports) और जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (JSW Infra) पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज का मानना है कि इस सेक्टर के लॉन्ग टर्म फायदों को अभी तक पूरी तरह से समझा नहीं गया है।
जेपी मॉर्गन ने अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports) पर ‘Overweight’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 1944 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर 35 प्रतिशत का अपसाइड रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि अदाणी पोर्ट्स अपनी बड़ी बाजार हिस्सेदारी, तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स कारोबार और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के कारण आने वाले वर्षों में मजबूत वृद्धि कर सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच कंपनी की कमाई लगभग 17% सालाना, ईबीआईटीडीए करीब 15% सालाना और मुनाफा करीब 16% सालाना की दर से बढ़ सकता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से कंपनी के बड़े ऑपरेशन, अलग-अलग तरह के कार्गो (माल) के कारोबार और इंटीग्रेट लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के कारण होने की उम्मीद है।
जेपी मॉर्गन ने जेएडब्ल्यू इंफ्रा पर भी ‘Overweight’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 310 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर 310 प्रतिशत का अपसाइड रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर को जेएसडब्ल्यू समूह की मजबूत काम करने की क्षमता और समूह के भीतर अच्छे कारोबारी संबंधों का फायदा मिल रहा है। इसके चलते कंपनी की कार्गो संभालने की क्षमता वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 40 करोड़ टन प्रति वर्ष से ज्यादा होने का अनुमान है, जो अभी की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच कंपनी की कमाई करीब 38% सालाना, ईबीआईटीडीए लगभग 30% सालाना और मुनाफा करीब 21% सालाना की दर से बढ़ सकता है।
जेपी मॉर्गन ने पोर्ट सेक्टर पर अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत का पोर्ट और लॉजिस्टिक्स उद्योग लंबे समय तक बढ़ने के अच्छे अवसर देता है। इसकी वजह है कि इस क्षेत्र में नई कंपनियों के लिए प्रवेश करना मुश्किल है, उद्योग में धीरे-धीरे बड़ी कंपनियों का दबदबा बढ़ रहा है और स्थापित कंपनियों के पास कीमत तय करने की मजबूत ताकत है। इसके अलावा पोर्ट क्षमता में बढ़ोतरी, ट्रेड की मात्रा बढ़ना और कामकाज की दक्षता में सुधार भी इस सेक्टर की वृद्धि को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)