Innovision IPO: इंनोविजन लिमिटेड का आईपीओ खुलने के लिए तैयार है। इश्यू 10 मार्च से अप्लाई करने के लिए खुलेगा और 12 मार्च तक खुला रहेगा। कंपनी ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 521 से 548 रुपये प्रति शेयर तय किया है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 9 मार्च को लगाई जायेगी। कंपनी ने आईपीओ के जरिये 322.84 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट रखा है। नोविजन आईपीओ का लॉट साइज 27 इक्विटी शेयर है यानी निवेशक 27 इक्विटी शेयरों या इसके मल्टिपल में बोली लगा सकते हैं।
इनोविजन आईपीओ में कंपनी ने पब्लिक इश्यू के शेयरों का बंटवारा अलग-अलग निवेशकों के लिए तय किया है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 1% शेयर, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) के लिए कम से कम 34% शेयर और रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 65% शेयर रिजर्व रखे गए हैं।
इनोविजन आईपीओ के शेयरों का अलॉटमेंट 13 मार्च (शुक्रवार) को तय किया जाएगा। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 16 मार्च (सोमवार) से रिफंड मिलना शुरू होगा। उसी दिन जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट खाते में शेयर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 17 मार्च (मंगलवार) को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
प्राइस बैंड के अपर एंड पर कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 322.84 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें 255 करोड़ रुपये का नया इश्यू और 12.38 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) शामिल है।
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से 51 करोड़ रुपये का उपयोग कुछ कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। करीब 119 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल होंगे। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट कामों में लगाई जाएगी। इश्यू के लिए एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज इस इश्यू का रजिस्ट्रार है।
इनोविजन लिमिटेड भारत भर में मैनपावर सेवाएं, टोल प्लाजा मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग उपलब्ध कराती है। कंपनी देश में 35 दफ्तरों के जरिए काम करती है, जिनमें रजिस्टर्ड और कॉरपोरेट ऑफिस शामिल हैं। 15 जनवरी 2026 तक कंपनी भारत के 23 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में काम कर रही है। कंपनी के मैनपावर सर्विसेज कारोबार को तीन हिस्सों में बांटा गया है:
15 जनवरी 2026 तक कंपनी के 180 से ज्यादा ग्राहक हैं और यह 1,000 से अधिक जगहों पर सेवाएं दे चुकी है।