किफायती घरों की बढ़ती मांग ने पिछले कुछ सालों में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए बड़ा मौका बनाया है। इसी वजह से एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने अपनी नई रिपोर्ट में किफायती हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने आधार हाउसिंग फाइनेंस, होम फर्स्ट फाइनेंस, इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन, अप्टस वैल्यू हाउसिंग और आवास फाइनैंसियर्स के शेयरों पर खरीद की सलाह दी है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से बढ़ते शहर, बढ़ती आबादी और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं के कारण आने वाले समय में भी किफायती घरों की मांग मजबूत बनी रह सकती है।
एंटीक के अनुसार इन कंपनियों ने पारंपरिक बैंकों से अलग तरीका अपनाकर अपना कारोबार मजबूत बनाया है। ये कंपनियां खासतौर पर छोटे शहरों और ऐसे लोगों पर ध्यान देती हैं जो स्वरोजगार करते हैं या जिनकी आय नियमित नहीं होती। नई तकनीक और बेहतर डेटा की मदद से ये कंपनियां ऐसे ग्राहकों को भी होम लोन दे पा रही हैं, जिन्हें आमतौर पर बैंक आसानी से कर्ज नहीं देते। इसी वजह से इन कंपनियों ने बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है और उनका कारोबार लगातार बढ़ रहा है।
हालांकि हाल के समय में इस सेक्टर को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, छोटे टिकट वाले एमएसएमई कर्ज में दबाव और कुछ राज्यों में कागजी प्रक्रियाओं में देरी के कारण कंपनियों की ग्रोथ पर असर पड़ा है। इसके अलावा वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव का असर भी बाजार पर पड़ा है। इन वजहों से पिछले करीब डेढ़ साल में इन कंपनियों के शेयरों के मूल्यांकन में गिरावट आई है, जिससे निवेशकों का उत्साह कुछ कम हुआ है।
एंटीक के मुताबिक पहले इस सेक्टर की कंपनियां हर साल 30% से ज्यादा की तेजी से बढ़ रही थीं, लेकिन अब यह रफ्तार थोड़ी कम होकर सामान्य स्तर पर आ गई है। इसका कारण यह है कि कंपनियों का कारोबार काफी बड़ा हो गया है और कुछ इलाकों में आर्थिक दबाव भी देखने को मिला है। इसके बावजूद ब्रोकरेज का मानना है कि ग्रामीण और छोटे शहरों में किफायती घरों की मांग अभी भी मजबूत है और आने वाले समय में यह सेक्टर करीब 20 से 25% की स्थिर ग्रोथ दर्ज कर सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में छोटे कर्ज वाले एमएफआई और एमएसएमई सेगमेंट में दबाव के कारण कुछ कंपनियों की एसेट क्वालिटी पर असर पड़ा। हालांकि हाल के महीनों में वसूली और कलेक्शन में सुधार के संकेत मिले हैं। एंटीक का मानना है कि व्यापारिक माहौल बेहतर होने और कलेक्शन मजबूत होने से आगे चलकर क्रेडिट लागत धीरे-धीरे कम हो सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्याज दरों में कटौती से इस सेक्टर की कंपनियों को फायदा मिल सकता है। जो कंपनियां फिक्स्ड रेट पर लोन देती हैं, उनके मार्जिन ज्यादा स्थिर रह सकते हैं। वहीं फ्लोटिंग रेट पर लोन देने वाली कंपनियां ब्याज दरों में बदलाव का असर जल्दी ग्राहकों तक पहुंचा देती हैं, इसलिए उनकी आय और मार्जिन पर इसका असर अलग तरह से पड़ता है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के अनुसार मौजूदा वैल्यूएशन पर इस सेक्टर में निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। ब्रोकरेज ने आधार हाउसिंग फाइनेंस के लिए ₹620, होम फर्स्ट फाइनेंस के लिए ₹1,370, इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन के लिए ₹915, अप्टस वैल्यू हाउसिंग के लिए ₹290 और आवास फाइनैंसियर्स के लिए ₹1,425 का टारगेट प्राइस दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक किफायती हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में लंबी अवधि में अच्छी ग्रोथ की संभावना है और हाल की गिरावट निवेशकों के लिए मौका बन सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।