तीसरी तिमाही (Q3FY26) में भारतीय दवा कंपनियों की आमदनी में घरेलू बिक्री के दम पर 8–11 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, अमेरिका में जेनेरिक कैंसर दवा रेवलिमिड की घटती बिक्री कंपनियों के लिए चुनौती बनी हुई है। अधिकांश ब्रोकरेज हाउसों और नुवामा सिक्योरिटीज का अनुमान है कि इस तिमाही में शुद्ध लाभ (PAT) में केवल 2-4 प्रतिशत तक मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
भारतीय फार्मास्यूटिकल मार्केट (IPM) इस तिमाही में दोहरे अंकों की वृद्धि दिखा रहा है। इसमें कार्डियक थैरेपीज 16 प्रतिशत, ऑन्कोलॉजी 26 प्रतिशत और एंटी-डायबिटिक दवाओं में 14 प्रतिशत तक की मजबूती रही। इसके विपरीत, एंटी-इंफेक्टिव दवाओं में केवल 2 प्रतिशत, पेन मेडिसिन में 7 प्रतिशत और गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल व डर्मेटोलॉजी में 8 प्रतिशत की वृद्धि रही।
कंपनी स्तर पर नुवामा सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का अनुमान है कि लुपिन की घरेलू बिक्री 8-10 प्रतिशत बढ़ सकती है, जिसमें एंटी-डायबिटिक दवाओं के अलावा अन्य थैरेपी में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं, सन फार्मा, टॉरेंट फार्मा और डॉ. रेड्डीज़ की टॉपलाइन 12 प्रतिशत से अधिक बढ़ने की संभावना है, जबकि सिप्ला, अल्केम और ज़ायडस की घरेलू बिक्री में 9-10 प्रतिशत YoY वृद्धि देखने को मिल सकती है।
अमेरिकी बाजार में Generic Revlimid का दबाव प्रमुख चिंता का विषय है। पेटेंट खत्म होने के बाद Teva, Natco, Dr. Reddy’s, Cipla और Sun Pharma जैसे कंपनियों ने इस बाजार में प्रवेश किया, जिससे कीमतों में गिरावट और मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। नुवामा के अनुसार, रेवलिमिड की वजह से अमेरिकी कारोबार कुल मिलाकर 5 प्रतिशत तक घट सकता है। वहीं, लुपिन अमेरिकी बाजार में 35 प्रतिशत YoY वृद्धि दर्ज कर सकता है, जिसके प्रमुख उत्पादों में टॉलवाप्टान, मिराबेग्रोन और Generic Spiriva शामिल हैं। अमेरिकी बाजार में सबसे अधिक दबाव झेलने वाली कंपनियों में डॉ. रेड्डीज़, ज़ायडस, सिप्ला और नैटको शामिल हैं।
नुवामा सिक्योरिटीज ने कहा कि अमेरिका में Generic Revlimid का असर Q3 में कंपनियों के लिए मुख्य निगरानी बिंदु रहेगा, लेकिन लुपिन के लिमिटेड-कॉम्पिटिशन उत्पाद मजबूत प्रदर्शन दिखा सकते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, अगर जेनेरिक रेवलिमिड को छोड़ दिया जाए तो अमेरिकी जेनेरिक दवाओं की बिक्री इस तिमाही में केवल 2 प्रतिशत बढ़ सकती है। कोटक एनालिस्ट्स ने बताया कि रेवलिमिड को छोड़कर बाकी उत्पादों में वॉल्यूम ग्रोथ और पिछले तिमाहियों में लॉन्च हुए नए प्रोडक्ट्स का लाभ कंपनियों को मिलेगा। वहीं, Systematix ने कहा कि अमेरिकी बाजार में डॉ. रेड्डीज़ की बिक्री अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अधिक घट सकती है, जबकि लुपिन इस क्षेत्र में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली कंपनी बन सकती है।
सन फार्मा के मामले में, Systematix का अनुमान है कि भारत में ब्रांडेड फार्मूलेशंस और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत प्रदर्शन के साथ अमेरिकी स्पेशल्टी पोर्टफोलियो में धीरे-धीरे सुधार होगा। नुवामा सिक्योरिटीज के अनुसार, सन फार्मा का अमेरिकी व्यवसाय 8 प्रतिशत YoY बढ़ सकता है, जिसमें इनोवेटिव प्रोडक्ट्स जैसे Ilumya और हाल ही में शामिल हुए Leqselvi मुख्य भूमिका निभाएंगे। नुवामा ने कहा कि इस तिमाही में सन फार्मा के लिए लगभग $417 मिलियन का इनोवेटिव स्पेशल्टी बिजनेस शामिल किया गया है।
हेल्थकेयर सर्विस सेक्टर में अस्पतालों की वृद्धि मुख्य रूप से नई बेड जोड़ने से प्रभावित होने की उम्मीद है। BNP Paribas के विश्लेषकों ने बताया कि Q3 सामान्यत: कमजोर तिमाही होने के बावजूद अस्पतालों की क्षमता विस्तार से मजबूत राजस्व वृद्धि को समर्थन मिलेगा। इसके तहत अपोलो हॉस्पिटल्स, एस्टर DM और फोर्टिस हेल्थकेयर क्रमशः 11%, 14% और 18% की राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकते हैं। BNP Paribas ने यह भी कहा कि अपोलो और एस्टर DM के मार्जिन अधिकांशतः स्थिर रहेंगे, क्योंकि नए ग्रीनफील्ड अस्पतालों में नकद व्यय बना रहेगा, जबकि फोर्टिस के मार्जिन में सुधार होगा, जो हाल ही में शुरू हुए ब्राउनफील्ड अस्पतालों की मार्जिन रिकवरी पर आधारित है।
डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में मिश्रित प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। डॉ. लाल पैथलैब्स की राजस्व वृद्धि 11 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर की ऑर्गेनिक ग्रोथ 15 प्रतिशत और कुल राजस्व 26 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। BNP Paribas के अनुसार, मेट्रोपोलिस में मुख्य डायग्नोस्टिक्स से मार्जिन विस्तार की उम्मीद है, जबकि डॉ. लाल के नए प्रोजेक्ट्स मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। नुवामा का अनुमान है कि डायग्नोस्टिक्स सेक्टर का कुल राजस्व 17 प्रतिशत बढ़ेगा और PAT 25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिसमें 13 प्रतिशत ऑर्गेनिक ग्रोथ और बाकी अधिग्रहणों से आएगा। नुवामा ने यह भी कहा कि इस तिमाही का प्रदर्शन पहले की अपेक्षाओं से बेहतर होने की संभावना है, विशेष रूप से स्पेशलिटी और एलर्जी टेस्टिंग में सुधार, कम बेस और त्योहारों का अनुकूल समय इसे समर्थन देगा।
नुवामा ने अपोलो हॉस्पिटल्स की ओक्यूपेंसी 65 प्रतिशत रहने की जानकारी दी, जो पिछले साल के 68 प्रतिशत की तुलना में थोड़ी कम है, जबकि प्रति ओक्यूपाईड बेड औसत राजस्व (ARPOB) में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। फोर्टिस की ओक्यूपेंसी 67 प्रतिशत अनुमानित है, और ARPOB में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मैक्स हेल्थकेयर की Q3 में राजस्व वृद्धि लगभग 10 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले साल के उच्च डेंगू बेस, ऑन्कोलॉजी दवाओं पर GST, बीमा संबंधित मुद्दे और पूरे साल के अस्पताल बेस इफेक्ट का असर शामिल है। EBITDA मार्जिन लगभग 26.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में 58 बेसिस पॉइंट्स कम है।