विमानन कंपनी इंडिगो का शुद्ध मुनाफा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 77.6 फीसदी घटकर 549 करोड़ रुपये रहा। नई श्रम संहिता लागू होने, रुपये में नरमी और दिसंबर में संचालन बाधित होने से कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ा है।
इंडिगो ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में नई श्रम संहिता की वजह से 969.3 करोड़ रुपये और दिसंबर में उड़ानें रद्द होने से 577.2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। चालक दल के लिए नए ड्यूटी नियम को लागू करने के लिए पर्याप्त पायलट नहीं होने की वजह से इंडिगो को 1 से 9 दिसंबर के बीच 4,290 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
इंडिगो के मुख्य वित्तीय अधिकारी गौरव नेगी ने कहा कि कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में अपने बड़े में 36 नए विमान शामिल किए। उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही में इंडिगो को क्षमता में 10 फीसदी इजाफा होने की उम्मीद है, जो पहले के अनुमान से कम है।
इंडिगो का संचालन बाधित होने के बाद नागर विमानन विमान महानिदेशालय (डीजीसीएस) ने दिसंबर में पूरी सर्दियों के शेड्यूल के लिए घरेलू उड़ानों में 10 फीसदी की कटौती का आदेश दिया था जो मार्च की शुरुआत तक लागू रहेगा।
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इंडिगो की आय 6.7 फीसदी बढ़कर 24,541 करोड़ रुपये रही। इस दौरान उसका कुल खर्च 9.6 फीसदी बढ़कर 22,432 करोड़ रुपये रहा।
इंडिगो को प्रभावित ग्राहकों को मुआवजा देना पड़ा और बुरी तरह प्रभावित ग्राहकों को कंपनी की ओर यात्रा वाउचर भी दिए गए।
इंडिगो के मुख्य वित्त अधिकारी गौरव नेगी ने कहा, ‘डीजीसीए ने संचालन रुकावटों के कारण कंपनी पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। हालांकि कंपनी इस आदेश का मूल्यांकन कर रही है और इस रकम का प्रावधान अन्य मद में किया गया है।’
उन्होंने कहा कि तीसरी तिमाही में प्रति यात्री हर किलोमीटर उड़ान पर कमाई 5.2 रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 4.5 फीसदी कम है मगर यह संशोधित अनुमान के मुताबिक है। इसी तरह प्रति यात्री औसत किराया प्रति किलोमीटर 5.33 रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 2 फीसदी कम है। हालांकि लोड फैक्टर (भरी हुई सीटों का हिस्सा) करीब 85 फीसदी रहा।
नेगी ने कहा कि दूसरी तिमाही की तुलना में तीसरी तिमाही के आखिर तक रुपये में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई जिससे कंपनी की मुश्किलें और बढ़ गईं।
इंडिगो के मुख्य कार्याधिकारी पीटर एल्बर्स ने पायलटों की भर्ती के बारे में पूछे गए सवाल का सीधे जवाब नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि नियुक्ति लगातार चलने वाली प्रक्रिया है जिसकी नियमति रूप से समीक्षा की जाती है। उन्होंने आगे कहा कि पायलटों की नियुक्ति के लिए दीर्धावधि योजना की जरूरत होती है।