लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) ने उन पॉलिसीधारकों के लिए एक खास दो महीने की मुहिम शुरू की है, जिनकी व्यक्तिगत लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी प्रीमियम समय पर नहीं भर पाने की वजह से लैप्स हो गई थी। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, यह मुहिम 1 जनवरी से 2 मार्च तक चलेगी। इसका मकसद पॉलिसीधारकों को बड़ी छूट देकर फिर से इंश्योरेंस कवर में वापस लाना है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कई परिवारों की आय अनियमित रही है, जिसकी वजह से लंबी अवधि वाले वित्तीय वादों जैसे लाइफ इंश्योरेंस की किस्तें समय पर चुकाना मुश्किल हो गया।
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, यह रिवाइवल ड्राइव उन सभी नॉन-लिंक्ड व्यक्तिगत इंश्योरेंस पॉलिसियों पर लागू होती है जो रिवाइवल के लिए योग्य हैं। इसमें मिलने वाली मुख्य छूटें इस तरह हैं:
LIC ने साफ कहा है कि लेट फीस में छूट जरूर दी जा रही है, लेकिन जहां जरूरत हो वहां मेडिकल या स्वास्थ्य से जुड़ी शर्तों में कोई ढील नहीं दी जा रही।
Also Read: क्या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके ऑनलाइन खर्च या लाइफस्टाइल नजर रखता है? सरकार ने दिया जवाब
यह मुहिम उन पॉलिसीधारकों के लिए है जो किसी व्यक्तिगत या आर्थिक वजह से समय पर प्रीमियम नहीं भर पाए। PTI के मुताबिक, इसमें नौकरी छूटना, मेडिकल इमरजेंसी या अस्थायी पैसे की तंगी जैसी परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं।
लैप्स पॉलिसी को दोबारा शुरू करने से पूरा इंश्योरेंस कवर फिर से सक्रिय हो जाता है। यह खासकर उन परिवारों के लिए जरूरी है जो पॉलिसी की रकम पर निर्भर रहते हैं। पॉलिसी लैप्स होने के बाद आमतौर पर रिस्क कवर बंद हो जाता है, भले ही कई सालों का प्रीमियम पहले ही चुका दिया गया हो।
LIC ने बार-बार कहा है कि पॉलिसी को चालू रखना जरूरी है, ताकि अनुबंध में वादे गए सभी फायदे पॉलिसीधारक को मिल सकें।
LIC ने पॉलिसीधारकों को कहा है कि पुरानी पॉलिसी को रिवाइव करना अक्सर नई पॉलिसी लेने से बेहतर होता है। पुरानी पॉलिसी के कुछ फायदे इस तरह हैं:
रिवाइवल से नई अंडरराइटिंग के खर्च और अनिश्चितताओं से भी बचा जा सकता है, खासकर जब उम्र ज्यादा हो या नई स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ गई हों।
पॉलिसीधारकों को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि उनकी पॉलिसी रिवाइवल के लिए योग्य है या नहीं और आगे का प्रीमियम उन्हें आसानी से चुकाया जा सकता है या नहीं। मुहिम के दौरान लेट फीस की छूट मिलने से रिवाइवल सस्ता हो जाता है, लेकिन लंबे समय तक प्रीमियम देने की जिम्मेदारी वैसे ही रहती है।
LIC ने कहा है कि यह मुहिम इस बात को दिखाती है कि जो पॉलिसीधारक सुरक्षित रहना चाहते हैं, उन्हें मदद मिल सके और उनके परिवार की आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।