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वेनेजुएला को तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए 2040 तक 183 अरब डॉलर निवेश की जरूरत

दुनिया के 18% तेल भंडार होने के बावजूद उत्पादन बेहद कम, वर्षों की कम निवेश और कमजोर ढांचे का असर

Last Updated- January 07, 2026 | 9:13 AM IST
Venezuela Oil
Representational Image

वेनेजुएला को अपने कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर 30 लाख बैरल प्रतिदिन (3 mbpd) करने के लिए 2040 तक करीब 183 अरब डॉलर का निवेश करना होगा। फिलहाल वेनेजुएला का तेल उत्पादन लगभग 11 लाख बैरल प्रतिदिन है, जो 1990 के दशक के अंत के स्तर से काफी कम है। एनर्जी रिसर्च फर्म रिस्टैड एनर्जी के यह बात कही है।

रिस्टैड एनर्जी का कहना है कि अगर वेनेजुएला को मौजूदा उत्पादन स्तर पर ही बनाए रखना है, तो भी अगले 15 साल में करीब 53 अरब डॉलर का निवेश तेल और गैस के ढांचे तथा अपस्ट्रीम ए​​क्टिविटी में करना होगा। सीमित खर्च के साथ अगले 2–3 साल में केवल 3 लाख बैरल प्रतिदिन अतिरिक्त उत्पादन ही बहाल किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर 2026 से 2040 के बीच हर साल 8–9 अरब डॉलर का स्थिर निवेश किया जाए, तो वेनेजुएला का उत्पादन 2032 तक 20 लाख बैरल प्रतिदिन और 2040 तक 30 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है।

रिस्टैड एनर्जी ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA के अलावा अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से भी पूंजी की जरूरत होगी। अगले 2–3 साल में कम से कम 30–35 अरब डॉलर का विदेशी निवेश जरूरी माना गया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला के तेल उत्पादन को संभालेंगी और देश के तेल ढांचे का पुनर्निर्माण करेंगी।

वेनेजुएला के पास दुनिया के 18% तेल भंडार

वेनेजुएला के पास दुनिया के 18 प्रतिशत तेल भंडार हैं, लेकिन वह वैश्विक तेल उत्पादन में सिर्फ 0.8 प्रतिशत का ही योगदान देता है। इसका मुख्य कारण लंबे समय से निवेश की कमी और जर्जर ढांचा रहा है। फिलहाल चीन और अमेरिका वेनेजुएला के सबसे बड़े तेल खरीदार हैं।

इस घटनाक्रम से भारतीय कंपनियों को भी फायदा हो सकता है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) जैसी भारतीय कंपनियां वेनेजुएला में तेल और गैस प्रोडक्शन फिर से शुरू होने से फायदा उठा सकती हैं।

ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) के पास वेनेजुएला के दो तेल क्षेत्रों, सैन क्रिस्टोबल और कैराबोबो-1 में हिस्सेदारी है। OVL ने सान क्रिस्टोबल परियोजना में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी 2008 में खरीदी थी और अब तक इसमें सैकड़ों मिलियन डॉलर का निवेश कर चुकी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण कंपनी को अभी तक लाभांश नहीं मिल पाया है।

अमेरिका को रोकने के लिए भारत आए साथ: क्यूबा

भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सेन एगुइलेरा ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की सोमवार को कड़ी निंदा की और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार करने को अपराधिक एवं आतंकी कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के जरिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया गया है।

एक विशेष साक्षात्कार में एगुइलेरा ने कहा कि कोई अकेला देश अमेरिका को ऐसे एकतरफा कदम उठाने से रोक नहीं सकता। ऐसे में दुनिया को भारत की आवश्यकता है। भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में जरूरी संतुलन बना सकता है और सभी देशों के लिए एक स्थिर भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। वेनेजुएला में हुए अमेरिकी हमले में मारे गए अपने 32 सुरक्षा अधिकारियों को क्यूबा में झंडे झुकाकर शोक मनाया गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि मादुरो को हटाने से दशकों पुराने एक और लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी और वह है क्यूबा की सरकार को नुकसान पहुंचाना।

ग्रीनलैंड पर नजर न रखें ट्रंप: यूरोप

कई यूरोपीय नेताओं ने मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही थी। नेताओं ने एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है कि रणनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण और खनिज संपदा से भरपूर आर्कटिक द्वीप वहां के लोगों का है। डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और ब्रिटेन के नेताओं ने ग्रीनलैंड के बारे में ट्रंप की टिप्पणियों के मद्देनजर द्वीपीय देश की संप्रभुता का बचाव किया।

First Published - January 6, 2026 | 2:37 PM IST

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