महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम) भारत के प्रीमियम एसयूवी बाजार में एक्सयूवी 7एक्सओ के साथ अपनी पकड़ मजबूत बनाने की तैयारी में है। एक्सयूवी 7एक्सओ असल में एक्सयूवी700 का काफी बदला हुआ अपडेट है। कंपनी का मानना है कि वह एंट्री-लेवल लग्जरी ब्रांडों के ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम है। वर्ष 2020 में लॉन्च होने के बाद यह एक्सयूवी असल में प्रीमियम सेगमेंट में सबसे तेजी से 50,000 करोड़ रुपये का राजस्व पार करने वाला एसयूवी ब्रांड बन गया है।
हालांकि एक्सयूवी700 को दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में निर्यात किया जाता है, लेकिन महिंद्रा 7एक्सओ के लिए घरेलू बाजार को प्राथमिकता देगी। कंपनी के चाकण संयंत्र में हर माह लगभग 10,000 एक्सयूवी गाड़ियां बनाने की क्षमता है। मौजूदा समय में 6,500-7,000 वाहनों की बिक्री हो रही है।
यह पेशकश एमऐंडएम के भारत में यात्री वाहन बाजार में नंबर 2 पोजीशन पर पहुंचने के बीच की गई है। कंपनी ने ह्युंडै मोटर इंडिया और टाटा मोटर्स को पीछे छोड़ दिया है, जिसका मुख्य कारण एसयूवी की मजबूत मांग है। एमऐंडएम ने 2025 में रिटेल में 600,000 गाड़ियां बेची हैं, जो सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत बढ़ी हैं।
महिंद्रा इस तेज रफ्तार का फायदा उठाना चाहती है। इसके लिए वह सॉफ्टवेयर-आधारित अपग्रेड, राइड और हैंडलिंग में सुधार और मजबूत फीचर एवं सेफ्टी पैकेज का इस्तेमाल कर रही है ताकि वैल्यू कर्व में ऊपर जा रहे खरीदारों को आकर्षित किया जा सके। इनमें से कई लोग एंट्री-लेवल लग्जरी एसयूवी पर भी विचार कर रहे हैं जो जीएसटी के बाद ज्यादा किफायती हो गई हैं।
उदाहरण के लिए, मर्सिडीज-बेंज की जीएलए की कीमत अब 50 लाख रुपये से कम है। अधिकारियों का कहना है कि यह रणनीति पहले से ही अच्छे नतीजे दे रही है। महिंद्रा के प्रीमियम एसयूवी और ईवी खरीदारों में से आधे से ज्यादा पहली बार महिंद्रा के ग्राहक हैं, जिनमें से कई लोगों के पास लग्जरी गाड़ियां थीं या उन्होंने उन पर विचार किया था।