Post Office Scheme: अगर आप नई कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं और EMI का बोझ बिना टेंशन उठाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) आपके लिए बेहद काम की साबित हो सकती है। खासकर रिटायरमेंट के बाद जिन लोगों को हर महीने तय इनकम चाहिए, उनके लिए यह स्कीम एक भरोसेमंद सहारा बन रही है।
पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि इसकी गारंटी सरकार देती है। यही वजह है कि कई लोग बैंक FD के बजाय इस स्कीम में पैसा लगाना ज्यादा बेहतर समझते हैं। सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर ब्याज इसे खास बनाता है।
इस स्कीम में फिलहाल 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है, जो कई बैंक एफडी से ज्यादा है। ब्याज की रकम सीधे निवेशक के खाते में आती है। ऐसे में अगर आप कार लोन की EMI हर महीने भरना चाहते हैं, तो यह इनकम एक मजबूत सपोर्ट बन सकती है।
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अगर कोई सीनियर सिटीजन इस स्कीम में ₹30 लाख का निवेश करता है, तो उसे साल भर में करीब ₹2.46 लाख ब्याज मिलता है। यानी हर महीने लगभग ₹20,000 की इनकम। इतनी रकम से मिड-सेगमेंट कार की EMI आसानी से मैनेज की जा सकती है।
SCSS में निवेश की शुरुआत सिर्फ ₹1000 से की जा सकती है। इसके बाद ₹1000 के मल्टीपल में निवेश होता है। अधिकतम निवेश सीमा ₹30 लाख तय है, जिससे जरूरत के हिसाब से प्लान बनाया जा सकता है।
60 साल या उससे अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति
पति-पत्नी जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं
VRS लेने वाले 55 साल के बाद
डिफेंस से रिटायर कर्मचारी 50 साल के बाद (कुछ शर्तों के साथ)
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इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है। अगर तय समय से पहले खाता बंद किया जाता है, तो कुछ पेनल्टी देनी होती है। इसलिए कार की EMI प्लान करने से पहले अवधि समझना जरूरी है।
SCSS में किए गए निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है। इससे टैक्स बचत के साथ EMI प्लानिंग और आसान हो जाती है।
इस स्कीम में ब्याज का भुगतान हर तिमाही (अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी) किया जाता है। इससे नियमित खर्च और EMI भरने में आसानी रहती है।
अगर खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो जमा राशि और ब्याज नॉमिनी को दे दिया जाता है। इससे परिवार को किसी तरह की आर्थिक परेशानी नहीं होती।
SCSS का अकाउंट किसी भी नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर आसानी से खुलवाया जा सकता है। जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद खाता जल्दी ओपन हो जाता है।