अधिकतर लोग सोचते हैं कि क्रेडिट स्कोर सिर्फ इस बात पर निर्भर करता है कि उन्होंने अपनी ईएमआई या क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर चुकाया या नहीं। हालांकि यह जरूरी है, लेकिन एक और फैक्टर भी है जो स्कोर को प्रभावित करता है। इसे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो कहते हैं।
यह बताता है कि आप अपने क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट में से कितना पैसा इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर आप हर महीने अपनी पूरी लिमिट खर्च कर देते हैं तो बैंक इसे जोखिम भरा मानता है और आपका स्कोर गिर सकता है।
इसके लिए आपके सभी क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट और उस पर खर्च की गई रकम देखी जाती है।
उदाहरण के लिए, अगर आपके दो कार्ड की कुल लिमिट 3 लाख रुपये है और आपने 90 हजार रुपये खर्च किए, तो यूटिलाइजेशन रेशियो 30% होगा। अगर खर्च 2.25 लाख रुपये हो गया तो रेशियो 75% हो जाएगा, जो स्कोर के लिए नुकसानदेह है।
पेमेंट हिस्ट्री धीरे-धीरे बनती है, लेकिन क्रेडिट यूटिलाइजेशन एक महीने में अचानक बदल सकता है। यदि किसी महीने आप ज्यादा खर्च कर लेते हैं और लिमिट का 80-90% इस्तेमाल कर लेते हैं, तो उस महीने आपका स्कोर गिर सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कुल क्रेडिट लिमिट का 30% तक ही इस्तेमाल करना चाहिए। यदि आप होम लोन या कोई बड़ा लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ महीनों के लिए इसे 10-15% तक सीमित रखना बेहतर होता है।
खर्च बांटें
अगर आपके पास एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड हैं, तो खर्च को सभी कार्ड्स में बराबर बांटें।
क्रेडिट लिमिट बढ़वाएं
बैंक से क्रेडिट लिमिट बढ़वाने पर आपका यूटिलाइजेशन रेशियो अपने आप कम हो जाएगा।
पुराना कार्ड बंद न करें
कार्ड बंद करने से कुल क्रेडिट लिमिट कम हो सकती है और रेशियो बढ़ सकता है।
क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए यह छोटा लेकिन अहम फैक्टर बहुत मायने रखता है। इसका ध्यान रखकर आप आसानी से अपने स्कोर को बेहतर बना सकते हैं।