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अमेरिका का वेनेजुएला पर बड़ा हमला: राजधानी काराकास हुए कई जोरदार धमाके, देश में इमरजेंसी लागू

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एक सैन्य अड्डे के हैंगर से धुआं निकलता दिखा, जबकि राजधानी की एक दूसरी सैन्य जगह पर बिजली गुल हो गई। लोग डर के मारे अलग-अलग मोहल्लों से सड़कों पर निकल आए

Last Updated- January 03, 2026 | 3:35 PM IST
Venezuela
हमले के बाद एक सैन्य अड्डे के हैंगर से उठता धुंआ | फोटो: PTI/AP

अमेरिका ने शनिवार रात वेनेजुएला के चार शहरों काराकास, मिरांडा, अरागुआ और ला ग्वायरा को निशाना बनाया। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी काराकास में शनिवार सुबह करीब दो बजे कम से कम सात जोरदार धमाके हुए और हवा में तेज उड़ान भरते विमानों की आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद शहर के कई इलाकों में धुएं के गुबार उठते देखे गए। एक सैन्य अड्डे के हैंगर से धुआं निकलता दिखा, जबकि राजधानी की एक दूसरी जगह पर बिजली गुल हो गई। लोग डर के मारे अलग-अलग मोहल्लों से सड़कों पर निकल आए। दूर से भी काराकास के कई हिस्सों में आग की उठती लहरों को देखा जा सकता था। 

न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 साल की ऑफिस कर्मचारी कार्मेन हिडाल्गो उस वक्त दो रिश्तेदारों के साथ एक बर्थडे पार्टी से लौट रही थीं। उनकी आवाज कांप रही थी जब उन्होंने बताया, “पूरी जमीन हिल गई। यह बहुत डरावना था। हमें धमाके सुनाई दिए और विमानों की आवाजें आईं। लगा जैसे हवा हमें धक्का दे रही हो।”

हालांकि, पेंटागन और व्हाइट हाउस ने इस बारे में टिप्पणी करने की मांग पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है।

Also Read: ट्रंप का ऐलान: वेनेजुएला के ऊपर पूरा एयरस्पेस बंद, अमेरिका की सैन्य हलचल तेज

सरकार ने समर्थकों से सड़कों पर उतरने की अपील की

वेनेजुएला की सरकार ने एक बयान में कहा कि यह सब अमेरिका की तरफ से नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमला था। बयान में सभी सामाजिक और राजनीतिक ताकतों से अपील की गई कि वे एकजुट होकर सड़कों पर निकलें और इस “साम्राज्यवादी हमले” का विरोध करें। सरकार ने अपने बयान में लिखा, “लोग सड़कों पर उतरे, और इसका जमकर विरोध करें!” राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सभी राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को लागू करने का आदेश दिया है और बाहरी खतरे की स्थिति को लेकर देश में इमरजेंसी लगा दी है। 

यह घटना ऐसे वक्त हुई जब हाल के दिनों में अमेरिकी सेना कथित तौर पर ड्रग तस्करी करने वाली नावों पर निशाना साध रही है। शुक्रवार को ही वेनेजुएला ने कहा था कि वह अमेरिका के साथ ड्रग तस्करी रोकने के लिए समझौता करने को तैयार है।

मादुरो ने गुरुवार को प्रसारित एक पहले से रिकॉर्डेड इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका महीनों से चल रही दबाव की मुहिम से वेनेजुएला में सरकार बदलना चाहता है और देश के विशाल तेल भंडार पर कब्जा करना चाहता है। यह मुहिम अगस्त में कैरिबियन सागर में बड़ी सैन्य तैनाती से शुरू हुई थी।

अमेरिका में मादुरो पर नार्को-टेररिज्म का आरोप लगा है। पिछले हफ्ते CIA ने एक डॉकिंग एरिया पर ड्रोन हमला किया था, जो वेनेजुएला के ड्रग कार्टेल्स के लिए इस्तेमाल होता माना जाता था। यह सितंबर से नावों पर हमलों के बाद वेनेजुएला की जमीन पर पहला ज्ञात सीधा ऑपरेशन था।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप महीनों से धमकी दे रहे थे कि वे जल्द ही वेनेजुएला की जमीन पर ठिकानों पर हमले का आदेश दे सकते हैं। अमेरिका ने वेनेजुएला के समुद्री तट से कई सैंक्शन वाली ऑयल टैंकरों को जब्त किया है और ट्रंप ने दूसरे टैंकरों पर नाकाबंदी का आदेश दिया, जो देश की अर्थव्यवस्था को और दबाने जैसा लगता है।

इससे पहले अमेरिकी सेना सितंबर की शुरुआत से कैरिबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में नावों पर हमले कर रही है। ट्रंप प्रशासन ने बताया कि शुक्रवार तक इन नाव हमलों की संख्या 35 थी और कम से कम 115 लोग मारे जा चुके थे। 

इन हमलों के साथ दक्षिण अमेरिका के पानी में अमेरिकी फौजों की बड़ी तैनाती हुई, जिसमें नवंबर में देश का सबसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट कैरियर भी आया, जिससे हजारों अतिरिक्त सैनिक जुड़े। यह इस क्षेत्र की कई सालों बाद सबसे बड़ी सैन्य मौजूदगी थी। ट्रंप ने नाव पर हो रहे इन हमलों को जरूरी कदम बताया, ताकि अमेरिका में ड्रग्स की सप्लाई रोकी जाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ड्रग कार्टेल्स से सशस्त्र संघर्ष में है।

इस बीच, ईरानी स्टेट TV ने भी शनिवार को काराकास के धमाकों की खबर दिखाई और वेनेजुएला की राजधानी के चित्र प्रसारित किए। ईरान और वेनेजुएला सालों से आपस में काफी करीब हैं, खासकर अमेरिका के खिलाफ साझा दुश्मनी की वजह से।

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First Published - January 3, 2026 | 2:35 PM IST

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