Home Loan: घर खरीदने का सपना लेकर जब लोग बैंक के दरवाजे तक पहुंचते हैं, तो उन्हें उम्मीद होती है कि होम लोन आसानी से मिल जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि कई आवेदकों की फाइल शुरुआती जांच में ही अटक जाती है। इसकी वजह यह है कि लोन देने से पहले बैंक हर पहलू को बारीकी से परखता है। आपकी कमाई, क्रेडिट स्कोर और नौकरी की स्थिरता जैसी बातें इसमें अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में एक छोटी सी कमी भी होम लोन रिजेक्ट होने का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं, होम लोन रिजेक्ट होने की मुख्य वजहें।
जब भी आप होम लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक सबसे पहले आपकी आय और क्रेडिट स्कोर देखता है। अगर आपकी आमदनी कम है या क्रेडिट स्कोर बैंक की तय सीमा से नीचे है, तो आवेदन आगे नहीं बढ़ता। जिन लोगों का क्रेडिट स्कोर अच्छा होता है, उन्हें लोन मिलने की संभावना ज्यादा रहती है। वहीं, कम स्कोर होने पर बैंक ज्यादा ब्याज भी वसूल सकता है।
अगर आपने पहले किसी लोन या क्रेडिट कार्ड की ईएमआई समय पर नहीं चुकाई है, तो इसका रिकॉर्ड आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में रहता है। इसके अलावा, अगर पहले से ही आपके ऊपर कई लोन चल रहे हैं, तो बैंक आपकी चुकाने की क्षमता को लेकर सतर्क हो जाता है। ज्यादा ईएमआई होने पर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
ज्यादातर बैंकों ने होम लोन के लिए न्यूनतम आय तय कर रखी है। आमतौर पर यह करीब 30 हजार रुपये प्रति माह होती है। अगर आपकी आय इससे कम है या आप ज्यादा रकम का लोन लेना चाहते हैं, लेकिन इनकम पर्याप्त नहीं है, तो बैंक लोन देने से मना कर सकता है।
बैंक उन लोगों को प्राथमिकता देते हैं, जिनकी नौकरी स्थिर होती है। बार-बार नौकरी बदलने, कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड जॉब या अनियमित आय होने पर बैंक को जोखिम नजर आता है। ऐसे मामलों में लोन रिजेक्ट होने की संभावना बढ़ जाती है।
अगर आवेदन फॉर्म में नाम, पता, उम्र या अन्य जरूरी जानकारी गलत या अधूरी दी जाती है, तो बैंक के लिए वेरिफिकेशन मुश्किल हो जाता है। इस कारण भी होम लोन की फाइल खारिज हो सकती है।
होम लोन में सिर्फ आपकी प्रोफाइल ही नहीं, बल्कि जिस घर के लिए लोन लिया जा रहा है उसकी जांच भी होती है। बैंक प्रॉपर्टी की कीमत, उसकी हालत, लोकेशन और निर्माण गुणवत्ता का मूल्यांकन करता है। अगर बैंक को लगता है कि संपत्ति की कीमत कम है या जोखिम ज्यादा है, तो लोन की राशि घटाई जा सकती है या आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
अगर प्रॉपर्टी किसी ऐसे बिल्डर की है, जिसे बैंक ने मंजूरी नहीं दी है या जो ब्लैकलिस्टेड है, तो लोन मिलना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, बहुत पुरानी या कानूनी रूप से विवादित संपत्ति पर भी बैंक लोन देने से बचते हैं।
कुल मिलाकर, होम लोन लेने से पहले अपनी आय, क्रेडिट स्कोर, नौकरी की स्थिति और प्रॉपर्टी से जुड़े सभी दस्तावेज सही और पूरे रखना बेहद जरूरी है। इससे लोन रिजेक्ट होने की आशंका कम हो जाती है।