facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

निर्यातकों को बड़ी राहत: MSME एक्सपोर्टर्स को सस्ता लोन और गारंटी सपोर्ट के लिए ₹7,295 करोड़ का पैकेज

वाणिज्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने कहा कि ये कदम निर्यातकों की बिजनेस फाइनैंस से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेंगे

Last Updated- January 02, 2026 | 7:51 PM IST
EXport

सरकार ने शुक्रवार को निर्यातकों की लोन तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए 7,295 करोड़ रुपये के निर्यात सहायता पैकेज की घोषणा की। इसमें 5,181 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना और निर्यात लोन के लिए 2,114 करोड़ रुपये का गारंटी समर्थन शामिल है। दोनों उपाय छह वर्षों (2025-31) में लागू किए जाएंगे।

लोन पर मिलेगी सब्सिडी

वाणिज्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने कहा कि ये कदम निर्यातकों की बिजनेस फाइनैंस से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेंगे। ब्याज सहायता योजना के तहत निर्यातकों को निर्यात से पहले और निर्यात के बाद लोन पर सब्सिडी मिलेगी। यह नवंबर 2025 में स्वीकृत 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) का दूसरा घटक है। पहला घटक 31 दिसंबर, 2025 को लागू किया गया था, जिसमें 4,531 करोड़ रुपये के परिव्यय वाला बाजार पहुंच समर्थन दिया गया था।

Also Read: Mirae Asset की पैसा 4 गुना करने वाली स्कीम, मंथली ₹10,000 की SIP से 10 साल में बना ₹30 लाख का फंड

MSME एक्सपोर्टर्स को मिलेगा सस्ता लोन

प्रतिकूल वैश्विक व्यापार परिस्थितियों के बीच सहायता योजना से चिन्हित क्षेत्रों के निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी दरों पर लोन पाने में मदद मिलेगी। योजना के तहत सरकार पात्र MSMEs निर्यातकों को 2.75 फीसदी तक की सब्सिडी लाभ देगी। प्रति कंपनी वार्षिक लाभ की सीमा 50 लाख रुपये तय की गई है। इस योजना के विस्तृत दिशानिर्देश भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी किए जाएंगे। योजना के लिए कार्यान्वयन एजेंसी आरबीआई है।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार सहायता दरों की घरेलू और वैश्विक मानकों के आधार पर मार्च और सितंबर में छमाही आधार पर समीक्षा की जाएगी। योजना के विस्तृत दिशानिर्देश आरबीआई द्वारा जारी किए जाएंगे, जो डीजीएफटी के साथ मिलकर कार्यान्वयन एजेंसी है। मंत्रालय ने कहा कि एक पायलट चरण शुरू किया जाएगा, जिसमें कार्यान्वयन से मिले सुझावों के आधार पर सुधार की गुंजाइश होगी।

Also Read: Upcoming NFO: नया साल, नया जोश; जनवरी में 12 नए फंड होंगे लॉन्च, ₹100 से निवेश शुरू

₹2,114 करोड़ की गारंटी सहायता

सरकार ने निर्यात लोन के लिए 2,114 करोड़ रुपये की गारंटी सहायता की भी घोषणा की है। इसके तहत, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को निर्यात से जुड़े वर्किंग कैपिटल लोन के लिए लोन गारंटी सहायता प्रदान की जाएगी। इस उपाय के तहत प्रति फर्म अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक की जमानत गारंटी उपलब्ध कराई जाएगी। सूक्ष्म और छोटे निर्यातकों के लिए 85 फीसदी तक और मध्यम निर्यातकों के लिए 65 फीसदी तक की गारंटी कवरेज उपलब्ध होगी। प्रतिबंधित वस्तुएं, कचरा और स्क्रैप तथा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) के अंतर्गत आने वाली वस्तुएं इन उपायों के दायरे से बाहर रहेंगी।

(PTI इनपुट के साथ)

First Published - January 2, 2026 | 7:41 PM IST

संबंधित पोस्ट