Bharat Coking Coal IPO: कोल इंडिया की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) अपने आईपीओ लेकर आ रही है। यह आईपीओ साल 2026 का पहला पब्लिक इश्यू है। यह आईपीओ 9 जनवरी को खुलेगा और 13 जनवरी को बंद होगा। जबकि एंकर निवेशकों के लिए बोली 8 जनवरी को होगी।
कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 600 शेयर रखे गए हैं। रिटेल निवेशक को न्यूनतम 600 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 13,800 करोड़ रुपये का निवेश जरूरी है।
बता दें 1,078.68 करोड़ रुपये का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर है। इसमें प्रमोटर कोल इंडिया लिमिटेड 46.57 करोड़ शेयर बेच रही है। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। इसलिए कंपनी को इस इश्यू से कोई पैसा नहीं मिलेगा। रिटेल निवेशक कम से कम 600 शेयर और उसके बाद उसी के मल्टिपल में अप्लाई कर सकते हैं। इस इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों (QIB), 35 फीसदी रिटेल निवेशकों और 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) के लिए रिजर्व है।
आईपीओ का अलॉटमेंट 14 जनवरी को होगा। रिफंड और डीमैट खाते में शेयर 15 जनवरी को आएंगे और शेयरों की लिस्टिंग 16 जनवरी को एनएसई और बीएसई पर होगी। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड वित्त वर्ष 2025 में देश की सबसे बड़ी घरेलू कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी रही। इसकी हिस्सेदारी कुल कोकिंग कोल उत्पादन में 58.50 प्रतिशत थी।
बीसीसीएल की लिस्टिंग सरकार के कोल सेक्टर में डीमर्जर योजना का हिस्सा है। इसका मकसद कोल इंडिया की सब्सिडायरी कंपनियों की वैल्यू बढ़ाना है। साथ ही बाजार के जरिए पारदर्शिता लाना भी उद्देश्य है। इससे पहले 2025 में कोल इंडिया की एक और सब्सिडायरी कंपनी सीएमपीडीआईएल ने भी आईपीओ के लिए सेबी में डीआरएचपी दाखिल किया था। यह आईपीओ भी ऑफर फॉर सेल के जरिए लाया जाना था। बीसीसीएल कोयला उत्पादन का काम करती है। वहीं सीएमपीडीआईएल तकनीकी और योजना से जुड़ा काम संभालती है।