साल 1972 के बाद पहली बार इस साल फरवरी में मानव अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चक्कर लगाएंगे। नैशनल एरोनॉटिक्स ऐंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने शनिवार को अपने विशाल एसएलएस रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान को कैनेडी स्पेस सेंटर के व्हीकल असेंबली बिल्डिंग से प्रक्षेपण क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया। यह यान 6 फरवरी से पहले प्रक्षेपित किया जाएगा।
इस पहले क्रू मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री (रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच, और जेरेमी हैंसन शामिल होंगे जो पृथ्वी पर लौटने से पहले चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे। कोच चंद्र क्षेत्र की यात्रा करने वाली पहली महिला यात्री बनेंगी जबकि हैंसन कैनेडियन स्पेस एजेंसी का प्रतिनिधित्व करते हुए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले गैर-अमेरिकी नागरिक होंगे। इसके अलावा, पहली बार एक मानवयुक्त चंद्रमा मिशन से भारत से संबंध होने की भी खबर है। प्रक्षेपण अवधि अप्रैल तक रहेगी।
हालांकि, कोई भी भारतीय स्वामित्व वाली अंतरिक्ष कंपनी आर्टेमिस की प्रमुख अनुबंध सूची में नहीं है मगर कई भारतीय मूल के वैज्ञानिक विभिन्न चरणों में मिशन का हिस्सा हो सकते हैं। इसमें हैदराबाद की काव्या के मान्यापु शामिल हैं जो कथित तौर पर नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर इन ह्यूस्टन, टेक्सस में फ्लाइट ऑपरेशंस डायरेक्टोरेट के अंतर्गत आर्टेमिस प्रोग्राम के लिए अंतरिक्ष पोशाक के निर्माण का नेतृत्व करती हैं। नासा के एक बयान के मुताबिक इसके प्रमुख कॉन्ट्रैक्टर एरोजेट रॉकेटडाइन, एक्सिओम स्पेस, बेकटेल, ब्लू ओरिजिन, बोइंग, एमटम, जैकब्स, लॉकहीड मार्टिन, मैक्सर स्पेस सिस्टम्स, नॉरथ्रॉप ग्रुम्मन और स्पेसएक्स के 47 राज्यों में 2,700 से अधिक आपूर्तिकर्ता हैं।
यह 10 दिवसीय मिशन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी जीत साबित हो सकती है। यह मिशन गहरे अंतरिक्ष में महत्त्वपूर्ण जीवन समर्थन और पुन: प्रवेश प्रणालियों को मान्य करेगा। आर्टेमिस 2 मिशन प्रबंधन टीम के अध्यक्ष जॉन हनीकट्ट ने मीडिया को बताया,‘हम इतिहास रच रहे हैं।’ कोच एक खोजकर्ता एवं इंजीनियर हैं जो 2013 में अंतरिक्ष यात्री बनीं और नासा के आर्टेमिस 2 मिशन के लिए एक मिशन विशेषज्ञ के रूप में काम करेंगी। अंतरिक्ष यान में उनका पिछला अनुभव एक्सपीडिशंस 59, 60 और 61 में 2019 में लगभग पूरे समय के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने और काम करने से जुड़ा था। कोच ने अंतरिक्ष में कुल 328 लगातार दिन बिताए और पहली महिला अंतरिक्ष भ्रमण में भाग लिया।
वाइजमैन नासा के आर्टेमिस 2 मिशन के कमांडर हैं। बाल्टीमोर के मूल निवासी ने पहले मई से नवंबर 2014 तक एक्सपेडिशन 41 के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फ्लाइट इंजीनियर के रूप में काम किया था। ग्लोवर को पायलट के रूप में नियुक्त किया गया है। हैंसन एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री और एक पूर्व लड़ाकू पायलट हैं। एसएलएस (स्पेस लॉन्च सिस्टम) ही एकमात्र ऐसा रॉकेट है जो ओरियन अंतरिक्ष यान, चार अंतरिक्ष यात्रियों और बड़े कार्गो को एक ही प्रक्षेपण पर सीधे चंद्रमा पर भेजने में सक्षम है। यह चालक दल, कार्गो या विज्ञान मिशन के लिए शक्तिशाली और लचीला दोनों मकसद से तैयार किया गया है।