सोमवार को चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 4 फीसदी से ज्यादा चढ़कर करीब 94 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वहीं भारत में MCX पर चांदी ने पहली बार ₹3,00,000 का स्तर पार किया।
चांदी की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह वैश्विक ट्रेड टेंशन रही। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने यूरोप के कुछ देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इसके बाद यूरोपीय देशों ने भी जवाबी कार्रवाई पर विचार शुरू कर दिया है। इस अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़े, जिससे चांदी की मांग बढ़ गई।
हाल के दिनों में चांदी पर थोड़ा दबाव देखा गया था, जब अमेरिका ने कुछ नए टैरिफ से क्रिटिकल मिनरल्स को बाहर रखा था। इससे बाजार में थोड़ी नरमी आई थी, लेकिन यह असर ज्यादा समय तक नहीं रहा।
केडिया एडवाइजरी के अनुसार, चांदी की कीमतों को सप्लाई की लगातार कमी से भी मजबूत सहारा मिल रहा है। पिछले एक साल में लंदन मार्केट में कई बार चांदी की उपलब्धता को लेकर दबाव देखा गया है, जिससे कीमतें ऊपर बनी हुई हैं।
चांदी का इस्तेमाल ग्रीन एनर्जी, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में तेजी से बढ़ रहा है। इसी वजह से निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है और लंबी अवधि में भी चांदी को लेकर धारणा मजबूत बनी हुई है।