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JIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्ट

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मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने वित्त वर्ष 2026-28 के लिए आरआईएल के परिचालन और शुद्ध लाभ के अनुमान में 0 से 3 फीसदी की कटौती की है

Last Updated- January 18, 2026 | 10:41 PM IST
Reliance Industries
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

बाजार पूंजीकरण के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही) का प्रदर्शन परिचालन के मोर्चे पर मोटे तौर पर बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा। खुदरा क्षेत्र के कारण कंपनी के एकीकृत प्रदर्शन पर पड़े नकारात्मक असर की भरपाई कुछ हद तक तेल से रसायन (ओ2सी) और दूरसंचार क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन से हो गई। चूंकि खुदरा क्षेत्र के परिचालन प्रदर्शन में गिरावट उम्मीद से कहीं ज्यादा थी, इसलिए कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने दूरसंचार कंपनी की  लिस्टिंग और रिलायंस रिटेल की वृद्धि में बढ़त को मुख्य कारण मानते हुए अपने अनुमानों में मामूली कटौती की है। मौजूदा कीमत पर यह शेयर वित्त वर्ष 2027 की आय के 25 गुना पर कारोबार कर रहा है।

रिलायंस रिटेल वेंचर्स-आरआरवीएल- का कंपनी के संयुक्त राजस्व में करीब 30 फीसदी और परिचालन लाभ में लगभग 14 फीसदी का योगदान है और इसके राजस्व में 9 फीसदी की वृद्धि हुई है। जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने के अलावा त्योहारी सीजन का कुछ हिस्सा जून तिमाही में चला गया। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (आरसीपीएल) के अलग होने से एक महीने का भी राजस्व पर असर पड़ा।

आरसीपीएल आरआईएल के खुदरा कारोबार की एफएमसीजी शाखा है और इसके पास खाद्य, पेय पदार्थ, घरेलू और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों में प्रमुख ब्रांड हैं।  खुदरा क्षेत्र में 431 नए स्टोर खुले। लेकिन बंद स्टोरों को शामिल करें तो तिमाही में शुद्ध स्टोरों की संख्या 158 रही। अवधि के अंत में स्टोरों की कुल संख्या 19,979 रही और नए स्टोरों के जुड़ने से खुदरा एरिया में पिछले वर्ष की तुलना में 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 7.81 करोड़ वर्ग फुट तक पहुंच गया।

कंपनी अपने क्विक कॉमर्स कारोबार में भारी निवेश कर रही है। ​जियो मार्ट हर दिन 16 लाख से अधिक बिक्री ऑर्डर के साथ तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रही है। रोजाना ऑर्डर में औसत वृद्धि पिछली तिमाही की तुलना में 53 फीसदी और पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 360 फीसदी रही है। इस दर से कंपनी क्विक कॉमर्स क्षेत्र में शीर्ष दो स्थानों पर पहुंचने की उम्मीद कर रही है।

क्विक कॉमर्स व्यवसाय पर अधिक ध्यान केंद्रित करने और उसके विस्तार, कमजोर उत्पाद मिश्रण और श्रम संहिता पर अमल को देखते हुए परिचालन लाभ में वृद्धि सालाना आधार पर 2 फीसदी तक सीमित रही जबकि इस खंड के मार्जिन में 55 आधार अंक की गिरावट आई और यह 7.8 फीसदी रह गया।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने वित्त वर्ष 2026-28 के लिए आरआईएल के परिचालन और शुद्ध लाभ के अनुमान में 0 से 3 फीसदी की कटौती की है। इसका मुख्य कारण आरआरवीएल की कमजोर वृद्धि और आरजियो में ऊंची ब्याज लागत है। आदित्य बंसल के नेतृत्व वाले विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2025-2028 की अवधि में आरआईएल के संयुक्त परिचालन लाभ में 10 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है। उन्होंने आरआईएल को खरीद रेटिंग दी है और संशोधित लक्ष्य 1,750 रुपये तय किया है।

दूरसंचार क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन ने अन्य क्षेत्रों की कुछ कमजोरियों को दूर करने में मदद की। प्रति ग्राहक औसत राजस्व में 5 फीसदी की सालाना वृद्धि और 89 लाख नए ग्राहकों की मजबूत वृद्धि से राजस्व में इजाफा हुआ। कुल ग्राहकों की संख्या अब 51.5 करोड़ है जबकि उसके 5जी ग्राहकों की संख्या 25.3 कोरड़ से अधिक है, जो सालाना आधार पर 49 फीसदी अधिक है। भारत में 5जी ग्राहकों में कंपनी की लगभग दो-तिहाई हिस्सेदारी है। साथ ही इससे फिक्स्ड ब्रॉडबैंड क्षेत्र में भी उद्योग की वृद्धि को गति मिल रही है। इस क्षेत्र में ग्राहकों की कुल वृद्धि में उसका 70 फीसदी योगदान है।

सिस्टमैटिक्स रिसर्च का अनुमान है कि जियो का आईपीओ वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत में आरआईएल के लिए महत्त्वपूर्ण कारक साबित होगा। तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद इसने आय अनुमानों को अपरिवर्तित रखा है और शेयर को 1,700 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ खरीद रेटिंग दी है।

ओ2सी कारोबार में ईंधन क्रैकिंग परिवहन में तीव्र वृद्धि और सल्फर की उच्च प्राप्ति के कारण इस सेगमेंट के परिचालन लाभ में सालाना आधार पर 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि डाउनस्ट्रीम रासायनिक मार्जिन में कमजोरी और फीडस्टॉक की ढुलाई दरों में वृद्धि ने इस बढ़त को आंशिक रूप से कम कर दिया। एथेन क्रैकिंग की अनुकूल इकनॉमिक्स और घरेलू बाजार में बेहतर स्थिति ने लाभप्रदता बनाए रखने में योगदान दिया।

अपस्ट्रीम कारोबार में केजी डी-6 गैस और कंडेनसेट की कम मात्रा और कम कीमत प्राप्ति के कारण राजस्व में सालाना आधार पर 8.4 फीसदी की गिरावट आई। आवधिक रखरखाव गतिविधियों के कारण परिचालन लागत में वृद्धि के चलते परिचालन लाभ में 13 फीसदी की गिरावट आई, जबकि मार्जिन में 410 आधार अंक की कमी दर्ज की गई। नुवामा रिसर्च नई ऊर्जा के कारोबार को लेकर आशावादी है। उसका मानना ​​है कि नई ऊर्जा के विस्तार से न केवल शुद्ध लाभ में 50 फीसदी से अधिक की वृद्धि होगी बल्कि 2035 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को देखते हुए ओटूसी सहित कंपनी के मूल्यांकन में भी सुधार होगा। 

जाल ईरानी के नेतृत्व में विश्लेषकों ने कंपनी को खरीद की रेटिंग दी है और ल​क्षित कीमत 1,808 रुपये निर्धारित की है। 

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First Published - January 18, 2026 | 10:41 PM IST

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