श्रम मंत्रालय को 2025 के पहले 11 महीनों में सबसे ज्यादा शिकायतें मिलीं। डिपार्टमेंट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स एंड पब्लिक ग्रीवांसेज (DARPG) के आंकड़ों के मुताबिक, कुल शिकायतों में श्रम मंत्रालय का हिस्सा 15.5 प्रतिशत रहा, जो 2024 के इतने ही समय के 8.4 प्रतिशत से काफी ज्यादा है।
जनवरी से नवंबर 2025 तक श्रम मंत्रालय को 2,31,786 शिकायतें मिलीं। इसके बाद दूसरे नंबर पर डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (बैंकिंग डिवीजन) रहा, जहां 1,70,704 शिकायतें आईं। तीसरे स्थान पर डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम्यूनिकेशंस था, जहां 81,258 शिकायतें दर्ज हुईं।
2025 के ज्यादातर महीनों में श्रम मंत्रालय को सबसे ज्यादा शिकायतें मिलीं। DARPG के पुराने आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि श्रम मंत्रालय हमेशा से टॉप 5 मंत्रालयों या विभागों में रहता आया है। इनमें ज्यादातर शिकायतें प्रॉविडेंट फंड (PF) निकासी, पेंशन या वेतन से जुड़ी होती हैं, और इनमें से अधिकांश कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से संबंधित होती हैं।
2024 में श्रम मंत्रालय शिकायतों की संख्या के हिसाब से दूसरे नंबर पर था, जबकि डिपार्टमेंट ऑफ रूरल डेवलपमेंट पहले स्थान पर था। जनवरी से जून 2025 तक श्रम मंत्रालय में आई शिकायतों में से 29.3 प्रतिशत सिर्फ EPFO से जुड़ी थीं, जो सभी कैटेगरी में सबसे ज्यादा था। इसके बाद के महीनों का यह डेटा उपलब्ध नहीं है।
इंडियन स्कूल ऑफ पॉलिटिकल इकोनॉमी के डायरेक्टर और सेक्रेटरी अभय तिलक ने कहा, “यह हमारी सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था में कमजोरी को दिखाता है। हमारी वर्कफोर्स की बड़ी समस्या यह है कि इसका बहुत बड़ा हिस्सा अनौपचारिक क्षेत्र में है, जहां ज्यादातर एम्प्लॉयर वर्कर्स को कॉन्ट्रैक्ट पर रखते हैं। अक्सर एम्प्लॉयर का वर्कर्स से सीधा संपर्क नहीं होता। वे कॉन्ट्रैक्टर पर निर्भर रहते हैं, जो अक्सर दावा करते हैं कि वे वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी में योगदान दे रहे हैं, लेकिन असल में ऐसा नहीं करते। मेरी समझ से ज्यादातर शिकायतें इसी तरह के नॉन-पेमेंट की वजह से आती हैं।”
DARPG, जो मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल, पब्लिक ग्रीवांसेज एंड पेंशंस के अंदर आता है, सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CPGRAMS) के जरिए हर महीने रिपोर्ट तैयार करता है। CPGRAMS एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां लोग सरकारी सेवाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। यह एक ही पोर्टल है, जो केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों-विभागों और राज्यों से जुड़ा हुआ है। कोई भी नागरिक, पेंशनर, सरकारी कर्मचारी, संगठन या एसोसिएशन शिकायत दर्ज करा सकता है।
2025 में जनवरी से नवंबर तक श्रम मंत्रालय में सबसे ज्यादा शिकायतें आने की वजह से यहां डिस्पोज (निपटान) और पेंडिंग दोनों मामलों की संख्या सबसे ज्यादा रही। इस दौरान 2,26,943 शिकायतों का निपटान हुआ, यानी डिस्पोजल रेट 95 प्रतिशत रहा। वहीं 11,832 शिकायतें पेंडिंग रहीं, यानी पेंडेंसी रेट लगभग 5 प्रतिशत रहा।
यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब 2025 में श्रम मंत्रालय बड़े सुधार ला रहा है। इसमें चार नए लेबर कोड्स को लागू करना और EPFO 3.0 की घोषणा शामिल है। इन सुधारों का मकसद EPF बैलेंस की आसान निकासी करना और सोशल सिक्योरिटी कवरेज बढ़ाना है, जिसमें गिग वर्क सेक्टर के लोगों को भी शामिल किया जा रहा है।
20 मई 2025 को DARPG ने श्रम मंत्रालय के साथ मिलकर एक लाइव सेशन किया था, ताकि CPGRAMS पर आई EPFO से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जा सके। यह जानकारी मई 2025 की रिपोर्ट में दी गई है।