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सायम के आंकड़ों के अनुसार यात्री वाहनों ​की बिक्री ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया और बिक्री 12.7 लाख के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई

Last Updated- January 18, 2026 | 10:19 PM IST
Cars
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश का वाहन और कल-पुर्जा क्षेत्र वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में दमदार नतीजे दर्ज कर सकता है। उद्योग को त्योहारी मांग, चुनिंदा वाहन श्रेणियों पर जीएसटी में सुधार के असर, आसान ब्याज दरों और ग्रामीण क्षेत्र के मनोबल में सुधार से मदद मिलेगी। ब्रोकरेज कंपनियों के अनुसार वाहन उद्योग के मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) और कल-पुर्जा कंपनियों के राजस्व में सालाना आधार पर 18 से 32 प्रतिशत के बीच वृद्धि की उम्मीद है, जबकि कर बाद लाभ (पीएटी) की वृद्धि सालाना आधार पर 15 से 35 प्रतिशत के बीच रहने के अनुमान है। इसे बिक्री में सुधार, अनुकूल मिश्रण और परिचालन लाभ से मदद मिलेगी। हालांकि अ​धिक इनपुट लागत और छूट से इस पर आंशिक असर पड़ सकता है।

सायम के आंकड़ों के अनुसार यात्री वाहनों ​की बिक्री ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया और बिक्री 12.7 लाख के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई। यह सालाना आधार पर 20.6 प्रतिशत अधिक है। इससे यह सबसे मजबूत तीसरी तिमाही के रूप में दर्ज हो गई और कैलेंडर वर्ष में वॉल्यूम प्रमुख रूप से इसी ने बढ़ाया।

इस दौरान निर्यात भी नए ​​शिखर पर पहुंचा और वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के दौरान डीलरों तक यात्री वाहनों की खेप सालाना आधार पर 11.7 प्रतिशत बढ़कर 2.25 लाख वाहन हो गई । इसे प​श्चिमी ए​शिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में निरंतर मांग से मदद मिली। दोपहिया वाहनों में भी यही मजबूती दिखाई दी और इस श्रेणी ने 57 लाख वाहन बि​क्री के साथ तीसरी तिमाही अब तक का सबसे अधिक वॉल्यूम दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 16.9 प्रतिशत अधिक रहा और पहली बार 50 लाख का आंकड़ा पार किया।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को उम्मीद है कि ओईएम के राजस्व में सालान आधार पर 5 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। लेकिन अगर टाटा मोटर्स को छोड़ दिया जाए तो राजस्व वृद्धि 25 प्रतिशत रह सकती है। ब्रोकरेज का कहना है कि यात्री वाहनों और दोपहिया वाहन श्रेणी में अनुकूल मिश्रण तथा अनुकूल विदेशी मुद्रा विनिमय के कारण औसत बिक्री मूल्य में एक अंक में निचले स्तर का सुधार हुआ है। इस पर कुछ हद तक जगुआर लैंड रोवर के उत्पादन की मात्रा में गिरावट का असर पड़ा है। 

विश्लेषकों ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि ​एबिटा मार्जिन (टाटा मोटर्स को छोड़कर) परिचालन लाभ और बेहतर वाहन मिश्रण के कारण सालाना आधार पर 90 आधार अंक बढ़ेगा तथा अ​धि​क छूट और कमोडिटी में तेजी से आंशिक रूप से प्रभावित होगा। नतीजतन हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में एबिटा अनुमानित 33 प्रतिशत (टाटा मोटर्स को छोड़कर) बढ़ेगा ।’

जेएलआर कमजोर आंकड़े दर्ज करेगी। अमेरिकी टैरिफ से संबं​धित असर तथा साइबर हमले से उत्पन्न चुनौतियों के कारण राजस्व में सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों में बदलाव के कारण कर्मचारियों की लागत पर एकबारगी असर पड़ सकता है, जिसे हमने शामिल नहीं किया है।

देवेन चोकसी रिसर्च का अनुमान है कि जेएलआर की चुनौतियों के कारण टाटा मोटर्स के यात्री वाहनों के राजस्व में 9 प्रतिशत की गिरावट आएगी जबकि एबिटा में सालाना आधार पर 5.4 प्रतिशत की गिरावट की आशंका है और पीएटी 445 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 17.6 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।

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First Published - January 18, 2026 | 10:19 PM IST

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