आज के वित्तीय दौर में क्रेडिट स्कोर आपकी आर्थिक विश्वसनीयता का सबसे अहम पैमाना बन चुका है। भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला स्कोर TransUnion CIBIL द्वारा जारी किया जाता है, जिसे आमतौर पर CIBIL स्कोर कहा जाता है। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है और जितना ज्यादा स्कोर, उतनी बेहतर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल मानी जाती है।
क्रेडिट स्कोर दरअसल आपके पूरे उधार व्यवहार का रिकॉर्ड होता है। इसमें आपके लोन, क्रेडिट कार्ड, भुगतान का इतिहास, बकाया और आवेदन जैसी सभी जानकारियां शामिल होती हैं। बैंक और वित्तीय संस्थान इसी स्कोर के आधार पर तय करते हैं कि आपको लोन देना है या नहीं, और किस ब्याज दर पर देना है।
इसके बावजूद कई लोग शिकायत करते हैं कि समय पर EMI और बिल चुकाने के बाद भी उनका स्कोर 720 या 750 के आसपास ही रुक जाता है।
फिनटेक कंपनी Ezeepay के एमडी और सीएमओ राशिद अली तथा LoansJagat की को-फाउंडर सारिका ग्रोवर के अनुसार, यह एक आम गलतफहमी है कि सिर्फ समय पर भुगतान करने से ही स्कोर तेजी से बढ़ता है। उनके मुताबिक, क्रेडिट स्कोर कई फैक्टर्स का मिश्रण होता है।
राशिद अली के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का बड़ा हिस्सा लगातार इस्तेमाल करता है, तो यह जोखिम भरा व्यवहार माना जाता है। भले ही भुगतान समय पर किया जा रहा हो, लेकिन ज्यादा उपयोग स्कोर की ग्रोथ को सीमित कर देता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि कम समय में कई बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना भी स्कोर को प्रभावित करता है। हर आवेदन के साथ क्रेडिट रिपोर्ट पर एक हार्ड इंक्वायरी दर्ज होती है, जो स्कोर को नीचे खींच सकती है।
राशिद अली के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति के पास केवल एक ही प्रकार का कर्ज है, तो उसे कमजोर क्रेडिट प्रोफाइल माना जाता है। इसके अलावा, पुराने डिफॉल्ट या भुगतान में हुई देरी का असर लंबे समय तक स्कोर पर बना रह सकता है।
एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि स्कोर सुधारने के लिए लगातार अच्छा व्यवहार जरूरी है। समय पर भुगतान करें, क्रेडिट का उपयोग सीमित रखें और बिना जरूरत के नए कर्ज से बचें। साथ ही सुरक्षित और असुरक्षित कर्ज का संतुलन बनाए रखना भी फायदेमंद होता है।
राशिद अली यह भी कहते हैं कि कई बार समस्या व्यवहार में नहीं, बल्कि क्रेडिट रिपोर्ट की गलती में होती है। इसलिए समय-समय पर अपनी रिपोर्ट जांचना जरूरी है ताकि किसी भी गलत एंट्री को तुरंत सुधारा जा सके।
Also Read | PM Kisan Scheme: जुलाई से पहले करें ये काम, वरना नहीं मिलेगा PM Kisan का 2000 रुपये का लाभ
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि स्कोर बढ़ाने के लिए कई लोग एक साथ कई क्रेडिट कार्ड खोल लेते हैं या अनावश्यक लोन ले लेते हैं, जो उल्टा असर डालता है। उनका कहना है कि बेहतर स्कोर के लिए अनुशासित और संतुलित वित्तीय व्यवहार ही सबसे कारगर तरीका है।।
LoansJagat की को-फाउंडर सारिका ग्रोवर के अनुसार, केवल समय पर भुगतान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी क्रेडिट प्रोफाइल का संतुलन जरूरी होता है।
इन सभी व्यवहारों को बैंक हाई रिस्क मानते हैं, जिससे स्कोर लंबे समय तक कम रह सकता है।
सारिका ग्रोवर के अनुसार, स्कोर सुधारने के लिए अनुशासित वित्तीय आदतें जरूरी हैं:
जिन लोगों की कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, उन्हें शुरुआत से मजबूत क्रेडिट रिकॉर्ड बनाना जरूरी होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार स्कोर कम होने की वजह व्यवहार नहीं बल्कि क्रेडिट रिपोर्ट में गलत एंट्री भी होती है। इसलिए समय-समय पर रिपोर्ट जांचना जरूरी है।