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Stock Market Crash: 700 अंक टूटा सेंसेक्स! शेयर बाजार में मची हलचल, जानिए आज गिरावट की 4 सबसे बड़ी वजहें

कमजोर बैंकिंग शेयरों, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स 700 अंक तक टूटा और निफ्टी 24,150 के नीचे फिसल गया।

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सलोनी गोयल   
Last Updated- July 20, 2026 | 1:25 PM IST

Stock Market Crash: सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रही। सोमवार के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में कारोबार करते दिखे। कमजोर बैंकिंग शेयरों, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 700 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,150 के स्तर के नीचे फिसल गया।

हालांकि, आईटी और पीएसयू बैंक शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, लेकिन बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भारी गिरावट के कारण प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे।

सेंसेक्स-निफ्टी में क्यों आई गिरावट?

कारोबार के दौरान सेंसेक्स 690 अंक तक गिरकर 77,445 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 भी करीब 184 अंक टूटकर 24,149.90 के निचले स्तर तक आ गया। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

इसके विपरीत आईटी और पीएसयू बैंक शेयरों में मजबूती देखने को मिली। वहीं, व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में अपेक्षाकृत बेहतर रुख बना रहा।

1. कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर के पार पहुंची

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का रहा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 3 प्रतिशत तक बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी घटनाक्रम ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान को गंभीर नुकसान हुआ है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान अब जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण खो चुका है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार (VK Vijayakumar) के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो भारत पर ऊर्जा आयात का दबाव बढ़ सकता है। इसका असर रुपये की मजबूती और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के प्रवाह पर भी पड़ सकता है।

2. बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली

बाजार में गिरावट की दूसरी बड़ी वजह बैंकिंग सेक्टर रहा। पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के बाद HDFC Bank और Axis Bank के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। दोनों शेयरों में करीब 5 प्रतिशत तक कमजोरी दर्ज की गई, जिससे सेंसेक्स पर बड़ा दबाव बना।

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विश्लेषकों के अनुसार, बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) को लेकर बाजार की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं, जिसका असर शेयरों पर दिखाई दिया। चूंकि बैंकिंग सेक्टर का प्रमुख सूचकांकों में बड़ा योगदान है, इसलिए इसकी कमजोरी का असर पूरे बाजार पर पड़ा।

3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार में बिकवाल बने हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये पर दबाव के चलते विदेशी निवेशकों की सतर्कता बढ़ी है।

जुलाई में पिछले पांच कारोबारी सत्रों के दौरान एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध बिकवाली की है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल के बीच बनी रहती हैं, तो विदेशी निवेशकों का रुख आगे भी कमजोर रह सकता है।

4. तकनीकी स्तर भी बने अहम

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान (Shrikant Chouhan) के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,200 और सेंसेक्स के लिए 77,600 का स्तर बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम रहेगा।

उन्होंने कहा कि यदि बाजार इन स्तरों के नीचे बना रहता है, तो निवेशकों की धारणा कमजोर हो सकती है और ऐसी स्थिति में लंबी पोजिशन हल्की करने पर विचार किया जा सकता है। वहीं, अगर निफ्टी 24,600 के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो मध्यम अवधि के लिए बाजार का रुख फिर से सकारात्मक हो सकता है।

First Published : July 20, 2026 | 1:25 PM IST