facebookmetapixel
Advertisement
AI पर सख्त नियमों की तैयारी! सेफ हार्बर से लेकर डेटा अधिकार तक बड़े बदलाव पर विचारट्रंप का ऐलान! अगस्त 2028 से जेनेरिक दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ, भारत के निर्यात को लग सकता है झटकाDBT योजनाओं का दूसरा पहलू! रिसर्च ने बताए फायदे, लेकिन लाभार्थियों की छंटनी ने बढ़ाई चिंताStock Market Update: सेंसेक्स 400 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,100 के नीचे; टैरिफ के डर से Pharma Index 1% टूटाअब जमीन बनेगी डिजिटल टोकन! महाराष्ट्र ला रहा है देश का पहला ब्लॉकचेन लैंड कानूनHavells के नतीजों में बड़ा ट्विस्ट! बिक्री बढ़ी, लेकिन घट गया मुनाफा; जानें क्यों बढ़ी निवेशकों की चिंताअब Hybrid Funds में मिलेगा ज्यादा संतुलन? SEBI के नए नियम के बाद लॉन्च होंगी नई स्कीमेंबड़ी कंपनियों की मनमानी पर लगेगी लगाम? CCI को संसद की सख्त सलाह, MSME और स्टार्टअप्स को मिलेगी सुरक्षाकैंसर इलाज में Lupin की नई रणनीति! 2 ऑन्कोलॉजी प्रोग्राम हुए अलग, Kaveri Therapeutics जुटाएगी फंडStocks To Watch Today: आज किन शेयरों पर रखें नजर? Maruti ने बढ़ाए दाम, PC Jeweller ने चुकाया कर्ज, JSW Energy का बड़ा दांव

ईवी तंत्र स्थापित करने पर जोर दे रही टेस्ला

Advertisement

फाडा के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 26 में भारत के समूचे यात्री वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी लगभग 4.2 प्रतिशत रही।

Last Updated- April 23, 2026 | 8:35 AM IST
Tesla India

टेस्ला भारत में बिक्री बढ़ाने से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का व्यापक तंत्र तैयार करने को प्राथमिकता दे रही है। इसमें फास्ट-चार्जिंग का बुनियादी ढांचा, घरेलू चार्जिंग समाधान और सेवा क्षमताएं शामिल है। इसका कारण उस बाजार में मौजूद ढांचागत रुकावटों को दूर करना है, जहां अभी भी इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ काफी कम है।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 26 में भारत के समूचे यात्री वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी लगभग 4.2 प्रतिशत रही। इससे यह बात जाहिर होती है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ने के बावजूद उन्हें अपनाने का रुझान अब भी शुरुआती दौर में ही है। फाडा के आंकड़ों के मुताबिक टेस्ला ने वित्त वर्ष 26 में लगभग 342 कारें बेचीं।

आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि पुराने विनिर्माताओं का इलेक्ट्रिक यात्री वाहन श्रेणी में दबदबा है। इनमें टाटा मोटर्स वित्त वर्ष 2026 में 78,000 से अधिक वाहनों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद एमजी मोटर इंडिया और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा का स्थान है। इससे अपेक्षाकृत किफायती ईवी में दमदार मांग का पता चलता है। इसके विपरीत बीएमडब्ल्यू इंडिया, मर्सिडीज-बेंज इंडिया और बीवाईडी इंडिया जैसी लग्जरी कार विनिर्माता की काफा छोटी हिस्सेदारी है। इनकी बिक्री कुछ हजारों में है। इससे प्रीमियम ईवी श्रेणी के सीमित दायरे का पता चलता है। इसकी तुलना में भारत में टेस्ला की शुरुआती बिक्री नरम रही है।

कंपनी की इस सोच के जानकार सूत्रों ने बताया कि अभी टेस्ला का ध्यान बिक्री बढ़ाने पर नहीं, बल्कि ऐसा दमदार स्वामित्व अनुभव बनाने पर है, जो बैटरी खत्म होने की चिंता कम करे और उन सुविधा कारकों में सुधार करे, जिन्हें भारत में ईवी अपनाने में तेजी लाने के मामले में अहम माना जाता है।

भारत में कंपनी द्वारा दिए जा रहे जोर के केंद्र में टेस्ला मॉडल वाई है, जिसे आज 61,99,000 रुपये की कीमत पर बाजार में उतारा गया है। इससे देश में तेजी से बढ़ती प्रीमियम एसयूवी श्रेणी में टेस्ला की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

Advertisement
First Published - April 23, 2026 | 8:35 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement