facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

Grok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्त

Advertisement

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक अब प्लेटफॉर्म के पास 7 जनवरी शाम 5 बजे तक का समय है ताकि वह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सवालों का जवाब दे सके

Last Updated- January 05, 2026 | 10:49 PM IST
grok AI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सरकार ने ईलॉन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) को 72 घंटे का अतिरिक्त समय दिया है ताकि वह यह स्पष्ट कर सके कि उसका आर्टिफिशल इंटेलिजेंस चैटबॉट ग्रोक भारत में उपयोगकर्ताओं के अनुरोध पर महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक तस्वीरें कैसे बना सका।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक अब प्लेटफॉर्म के पास 7 जनवरी शाम 5 बजे तक का समय है ताकि वह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सवालों का जवाब दे सके। इनमें ग्रोक पर किए गए व्यापक तकनीकी, प्रक्रियात्मक और शासन-स्तरीय समीक्षा की रिपोर्ट भी शामिल है।

अधिकारी ने बताया, ‘उन्होंने यह कहते हुए अधिक समय मांगा है कि अमेरिका में छुट्टियों और उनकी वैश्विक व कानूनी टीमों की अनुपलब्धता के कारण देरी हुई है। फिलहाल उन्होंने सरकार के आदेशों का पालन करते हुए सभी आपत्तिजनक और अवैध सामग्री हटा दी है।’

इससे पहले इस सप्ताह, आईटी मंत्रालय के साइबर लॉ डिवीजन ने एक्स को पत्र लिखकर कहा था कि वह ‘ सभी अवैध रूप से उत्पन्न या प्रसारित सामग्री को तुरंत हटाए या उसकी पहुंच समाप्त करे। आईटी नियम 2021 के तहत निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन करे और किसी भी तरह से सबूत को नष्ट न करे।’

पत्र में मंत्रालय ने यह भी कहा था कि एक्स को अपनी सेवा शर्तों और एआई-उपयोग प्रतिबंधों को लागू करना चाहिए और ‘ कड़े निवारक कदम’ उठाने चाहिए, जिनमें ग्रोक का उपयोग कर महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने वाले खातों को निलंबित करना, समाप्त करना या अन्य कार्रवाई करना शामिल है।

आईटी मंत्रालय के पत्र के एक दिन बाद, मस्क ने एक्स पर पोस्ट करते हुए चेतावनी दी कि ‘जो भी ग्रोक का उपयोग कर अवैध सामग्री बनाएगा, उसे वही परिणाम भुगतने होंगे जो अवैध सामग्री अपलोड करने पर भुगतने होते हैं।’

भारत और दुनिया भर में उपयोगकर्ता साधारण निर्देशों से ग्रोक का उपयोग कर महिलाओं और बच्चों की अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बना सके हैं।

इस मुद्दे ने कई उपयोगकर्ताओं, विशेषकर बड़ी संख्या में महिलाओं में नाराजगी पैदा की है। कई महिलाएं ग्रोक को टैग कर यह निर्देश दे रही हैं कि उनकी तस्वीरों का उपयोग किसी भी आपत्तिजनक या अश्लील सामग्री बनाने में न किया जाए।

इस मामले के बाद, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले सप्ताह कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपनी साइट पर मौजूद सामग्री की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

वैष्णव ने कहा, ‘आज सोशल मीडिया हमारे समाज में इतना बड़ा प्रभाव डाल रहा है। इन (सोशल मीडिया मध्यवर्तियों) को अपनी साइट पर मौजूद सामग्री की जवाबदेही चाहिए। और ऐसी सामग्री को लेकर हस्तक्षेप होना चाहिए।’

पिछले सप्ताह आईटी मंत्रालय ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश जारी किया था कि वे अपनी साइट से अश्लील सामग्री हटाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई का सामना करें। 2025 की अपनी तीसरी एडवाइजरी में मंत्रालय ने उन्हें आईटी नियमों और आईटी अधिनियम का पालन करने की याद दिलाई और कहा कि उन्हें अश्लील और अभद्र सामग्री की निगरानी में अधिक कठोरता बरतनी चाहिए।

मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा था कि मध्यस्थों को उचित परिश्रम संबंधी दायित्वों का पालन करने में अधिक कठोरता दिखानी चाहिए, विशेषकर उस सामग्री की ‘ पहचान, रिपोर्टिंग और शीघ्र हटाने’ में जो ‘अशिष्ट, अश्लील, बाल यौन शोषण से संबंधित, बच्चों के लिए हानिकारक या अन्यथा अवैध’ हो।

Advertisement
First Published - January 5, 2026 | 10:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement