facebookmetapixel
Silver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लानमध्य भारत को समुद्र से जोड़ने वाला बड़ा प्लान सामने आया

अमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

वित्त वर्ष 2025 में भारत ने वेनेजुएला से 1.65 अरब डॉलर का सामान आयात किया था, जिसमें 93.3 प्रतिशत कच्चा तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद शामिल थे

Last Updated- January 05, 2026 | 11:00 PM IST
Oil Supply
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप सरकार के वेनेजुएला में निकोलस मादुरो की सरकार गिराने के कदम से इस लैटिन अमेरिकी देश की तेल अर्थव्यवस्था पर तेज आंच पड़ी है। अभी इसके और भी प्रभावित होने की संभावना है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद हाल के वर्षों में वेनेजुएला से भारत का तेल आयात पहले ही काफी कम हो गया है।

कच्चे तेल के भंडार में वैश्विक स्तर पर वेनेजुएला की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने वेनेजुएला से 1.65 अरब डॉलर का सामान आयात किया था, जिसमें 93.3 प्रतिशत कच्चा तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद शामिल थे। उसी अवधि में वेनेजुएला को भारत से निर्यात 0.22 अरब डॉलर रहा।

पिछले एक दशक के दौरान कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पाद के भारत के आयात में वेनेजुएला की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2015 में 8.45 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 26 के पहले आठ महीनों में 0.28 प्रतिशत रह गई है। वेलेजुएला अभी अपने तेल भंडारों का पूरा फायदा नहीं उठा पा रहा है। सबसे बड़े तेल भंडार होने के बावजूद 2023 में इस देश का कच्चा तेल निर्यात 4 अरब डॉलर से थोड़ा ही अधिक था। दूसरी ओर 2023 में रूस का कच्चा तेल निर्यात 122 अरब डॉलर का था। वेनेजुएला के पास रूस के मुकाबले एक चौथाई भंडार होने के बावजूद उसका निर्यात काफी कम है।

तेल ही नहीं, इस लैटिन अमेरिकी देश के पास व्यापक प्राकृतिक गैस भंडार भी हैं और पिछले 4 दशक में उसकी वैश्विक हिस्सेदारी बढ़ी ही है। वर्ष 1983 में वैश्विक कच्चे तेल भंडार में उसकी हिस्सेदारी 3 प्रतिशत थी जो 2020 में 18 प्रतिशत तक बढ़ी और 2024 में 17 प्रतिशत के स्तर पर रही। इसी प्रकार प्राकृतिक गैस भंडारों में भी उसकी हिस्सेदारी 1983 में 2 प्रतिशत थी, जो 1995 में सर्वाधिक 5 प्रतिशत तक बढ़कर 2024 में 3 प्रतिशत के स्तर पर दर्ज की गई।

First Published - January 5, 2026 | 11:00 PM IST

संबंधित पोस्ट