भारत के कैपिटल गुड्स और डिफेंस सेक्टर के चुनिंदा ग्रोथ वाले हिस्सों में वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में मजबूत एक्जीक्यूशन मोमेंटम बने रहने की उम्मीद है। इसकी वजह मजबूत ऑर्डर इनफ्लो और सशक्त ऑर्डर बुक है।
मोतिलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट के अनुसार, थर्मल पावर, रिन्यूएबल्स, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D), डेटा सेंटर्स, बिल्डिंग्स एंड फैक्ट्रियों और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में कुल मिलाकर ऑर्डरिंग गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। हालांकि घरेलू प्राइवेट सेक्टर की मांग अभी चुनिंदा क्षेत्रों में ही बढ़ती दिख रही है। वित्त वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में सरकारी पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका नेतृत्व डिफेंस खर्च ने किया है। आने वाली तिमाहियों में रेलवे से कैपेक्स ग्रोथ में और तेजी आने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का कहना है कि सरकारी कैपेक्स ग्रोथ को पिछले साल के कम बेस का भी फायदा मिला है।
ब्रोकरेज ने रिन्यूएबल्स और ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) से जुड़े क्षेत्रों में निर्यात आउटलुक को मजबूत बताया है, जहां चुनिंदा EPC और प्रोडक्ट कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मांग से लाभ उठा रही हैं। हालांकि, कमोडिटी कीमतों की चाल पर नजर रखने की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाल के महीनों में कॉपर और जिंक जैसे मेटल के दाम बढ़े हैं।
मोतिलाल ओसवाल का अनुमान है कि उसकी कवरेज यूनिवर्स की कंपनियों के लिए दिसंबर में सालाना आधार पर करीब 16 फीसदी की राजस्व वृद्धि होगी। इसी अवधि में एबिट्डा के 20 फीसदी और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स के 24 फीसदी सालाना बढ़ने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज ने लार्ज-कैप कंपनियों में कमिंस इंडिया (KKC), सीमेंस एनर्जी और लंबे समय की इंडस्ट्रियल लीडर एलएंडटी पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स (KOEL) और कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल (KPIL) को प्राथमिकता दी गई है। जबकि डिफेंस सेगमेंट में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) को टॉप पिक बताया गया है।
दिसंबर तिमाही के दौरान डिफेंस, पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, हाइड्रोकार्बन, हेवी सिविल और बिल्डिंग्स एंड फैक्ट्रियों जैसे सेक्टर्स में ऑर्डरिंग गतिविधियां स्थिर रहीं। इस तिमाही में कुछ बड़े ऑर्डर देखने को मिले। इनमें एलएंडटी को हाइड्रोकार्बन सेगमेंट में एक अल्ट्रा-मेगा प्रोजेक्ट मिला, थर्मैक्स को बॉयलर ऑर्डर हासिल हुआ और GVTD को एक HVDC प्रोजेक्ट मिला। घरेलू प्राइवेट सेक्टर से ऑर्डरिंग धीरे-धीरे मेटल्स एंड माइनिंग, बिल्डिंग्स एंड फैक्ट्रियों और थर्मल पावर में बढ़ रही है और आने वाली तिमाहियों में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है।
डिफेंस सेगमेंट में ऑर्डर मजबूत बने रहे। इस तिमाही के दौरान बीएचई ने करीब 5,500 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक किए। बीडीएल ने 4,600 करोड़ रुपये के ऑर्डर की घोषणा की, केईसीआई को 7,600 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले और केपीआईएल ने 5,100 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए। मजबूत ऑर्डर बैकलॉग और पाइपलाइन में लंबित परियोजनाओं के फाइनल होने से तीसरी तिमाही में कवरेज यूनिवर्स के लिए करीब 16 फीसदी सालाना एक्जीक्यूशन ग्रोथ को समर्थन मिलने की उम्मीद है।