वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयरों में भी बुधवार को तेजी आई। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड मसले पर नरम रुख और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की संभावना से इनकार करना था। लिहाजा, व्यापारिक टकराव गहराने का डर कम हो गया।
निवेशक धारणा को तब समर्थन मिला जब ट्रंप ने दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में कहा कि अमेरिका भारत के साथ ‘अच्छा समझौता’ करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता में प्रगति की उम्मीद जगी है।
सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 874 अंक यानी 1.1 प्रतिशत तक चढ़ गया था। लेकिन मुनाफावसूली के बीच उसने अपनी बढ़त गंवा दी। आखिर में यह 398 अंक यानी 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,307 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 सूचकांक कारोबारी सत्र के अंत में 25,290 पर रहा जो 132 अंक यानी 0.5 प्रतिशत अधिक है।
टैरिफ पर नरमी का संकेत देने के अलावा ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए बल प्रयोग से भी इनकार किया। उनकी यह टिप्पणी नाटो महासचिव मार्क रुट के साथ चर्चा के बाद आई, जिसमें दोनों पक्ष ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र को लेकर भावी समझौते के ‘ढांचे’ पर सहमत हुए।
ग्रीनलैंड को लेकर हाल में अमेरिका-यूरोप के बीच पैदा हुए तनाव ने भारतीय शेयर बाजारों पर दबाव और बढ़ा दिया था, जो पहले से ही कंपनियों की कमजोर आय तथा भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर स्पष्टता के अभाव से जूझ रहे थे।
पिछले 12 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी ने केवल दो बार बढ़त दर्ज की है और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की 3 अरब डॉलर की बिकवाली के बीच इनमें 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी।
एसबीआई सिक्योरिटीज के तकनीकी और डेरिवेटिव रिसर्च के प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, ‘भविष्य में 25,400-25,450 का दायरा तात्कालिक प्रतिरोध बन सकता है और ऊंचे स्तर पर बिकवाली का दबाव आ सकता है।