Shadowfax Technologies IPO: सामान पहुंचाने की सर्विसेज देने वाली कंपनी शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का आईपीओ को अप्लाई करने का गुरुवार (22 जनवरी) को आखिरी मौका है। इश्यू सब्सक्राइब करने के लिए 20 जनवरी को खुला था। आईपीओ का प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। 1,907 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत 1,000 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। जबकि करीब 907.27 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा निवेशक बेचेंगे। शेयर बेचने वालों में फ्लिपकार्ट इंडिया, एट रोड्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरिशस, अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम, क्वालकॉम एशिया पैसिफिक, नोकिया ग्रोथ पार्टनर्स, न्यूक्वेस्ट एशिया फंड और मियारे एसेट शामिल हैं।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज आईपीओ के जीएमपी की बात करे तो ग्रे मार्केट में इसके नॉन-लिस्टेड शेयर गुरुवार को 124 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे थे। यह अपर प्राइस बैंड 124 रुपये के बराबर है और लिस्टिंग के सपाट रहने का संकेत देता है।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुताबिक, भारत का लॉजिस्टिक्स उद्योग तेज विकास के चरण में प्रवेश कर चुका है। इसकी बड़ी वजह ऑनलाइन रिटेल और क्विक कॉमर्स का तेज़ी से विस्तार है। वित्त वर्ष 2025 में इस उद्योग का आकार करीब 21–23 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो व्यापार और उपभोग को सहारा देने में इसकी अहम भूमिका को दर्शाता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि क्विक कॉमर्स को छोड़कर ई-कॉमर्स का योगदान वित्त वर्ष 2025 में भारत के कुल रिटेल बाजार में लगभग 6 प्रतिशत रहा, जो 15–20 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़कर वित्त वर्ष 2030 तक 9–10 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इस बदलते परिदृश्य में शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड एक टेक्नोलॉजी आधारित थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में मजबूत स्थिति में दिखाई देती है। ब्रोकरेज के अनुसार, निवेशक इस आईपीओ को लॉन्ग टर्म निवेश के नजरिए से देख सकते हैं।
पॉल एसेट में इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट और 129 वेल्थ फंड के फंड मैनेजर प्रसेनजीत पॉल का कहना है कि जो निवेशक नई पीढ़ी के कारोबार में परिचालन लाभ की संभावनाएं तलाशते हैं, वे शैडोफैक्स पर करीबी नजर रख सकते हैं। कंपनी की मजबूत मौजूदगी भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स और लास्ट-माइल डिलीवरी क्षेत्र में है।
उन्होंने बताया कि शैडोफैक्स ई-कॉमर्स, हाइपरलोकल डिलीवरी और एसएमई लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करती है, जिन्हें मेट्रो शहरों से बाहर डिजिटल कारोबार के धीरे-धीरे औपचारिक होने का लगातार लाभ मिल रहा है। हालांकि, लॉजिस्टिक्स ऐसा कारोबार है जहां संचालन की दक्षता बेहद अहम होती है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मार्जिन को बनाए रखना और लागत पर नियंत्रण रखना होगी, खासकर लास्ट-माइल डिलीवरी में, जहां प्रतिस्पर्धा और कीमतों का दबाव अधिक रहता है।
प्रसेनजीत पॉल के अनुसार, निवेश के लिहाज से शैडोफैक्स उन निवेशकों को अधिक आकर्षित कर सकती है जो लॉन्ग टर्म में परिचालन लाभ उभरने का इंतजार कर सकते हैं, न कि उन लोगों को जो लिस्टिंग के दिन तुरंत मुनाफे की उम्मीद रखते हैं।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज ने अपने आईपीओ के लिए 118 से 124 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इसके एक लॉट में 120 शेयर होंगे। अपर प्राइस पर एक लॉट के लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,880 रुपये लगाने होंगे।शेयरों का अलॉटमेंट 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को तय किया जाएगा। शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज के शेयर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 23 जनवरी 2026 को लिस्ट होंगे। इश्यू के लिए केफिन टेक्नोलॉजीज को रजिस्ट्रार बनाया गया है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टैनली इंडिया और जेएम फाइनेंशियल इस निर्गम का प्रबंधन कर रहे हैं।
कंपनी ने बताया है कि नए शेयरों से मिलने वाली रकम में से 42.34 करोड़ रुपये नेटवर्क ढांचे को मजबूत करने पर खर्च किए जाएंगे। 13.86 करोड़ रुपये नए केंद्रों के लिए किराये के भुगतान में लगाए जाएंगे। इसके अलावा 8.85 करोड़ रुपये पब्लिसिटी, मार्केटिंग जैसी कार्यों में खर्च किए जाएंगे। बची हुई राशि भविष्य में किसी कंपनी के अधिग्रहण और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।