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PhonePe IPO: फोनपे (PhonePe) के आगामी आईपीओ में उसके मौजूदा शेयरधारक वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस करीब ₹10,115 करोड़ की हिस्सेदारी बेचेंगे। पीटीआई रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी फिनटेक कंपनी के अपडेटेड ड्राफ्ट दस्तावेजों से सामने आई है।
फोनपे का यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर-फॉर-सेल (OFS) होगा, यानी इसमें कंपनी कोई नया प्राथमिक पूंजी (फ्रेश कैपिटल) नहीं जुटाएगी। इस आईपीओ के जरिए केवल मौजूदा निवेशक ही अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
फोनपे के प्रमोटर WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स करीब 4.59 करोड़ शेयर बेचेंगे, जो कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 0.12% हिस्सा है। इन शेयरों की कीमत प्रति शेयर ₹1,996.8 आंकी गई है, जो इक्विटी शेयर की वेटेड एवरेज कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन पर आधारित है। यह सिंगापुर स्थित कंपनी वॉलमार्ट नियंत्रित प्रमोटर इकाई है।
वहीं, टाइगर ग्लोबल PIP 9-1 करीब 10.39 लाख शेयर बेचेगा, जबकि माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस अनलिमिटेड कंपनी लगभग 36.78 लाख शेयर ऑफलोड करेगी। ऑफर-फॉर-सेल के तहत बेचे जाने वाले कुल शेयरों का मूल्य वेटेड एवरेज लागत के आधार पर करीब ₹10,115.87 करोड़ बैठता है।
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फोनपे भारत के डिजिटल पेमेंट्स बाजार में UPI लेनदेन के मामले में 45 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी के साथ लीड कर रही है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में कंपनी ने 9.8 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए।
वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू 7,115 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 40% की बढ़ोतरी दर्शाता है। इस दौरान कंपनी फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव भी हो गई, जिसमें 1,202 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग कैश फ्लो रहा। कंपनी का एडजस्टेड मुनाफा (ESOP लागत को छोड़कर) बढ़कर 630 करोड़ रुपये हो गया, जो तीन गुना से भी अधिक है।
फोनपे की पब्लिक लिस्टिंग भारत के डिजिटल पेमेंट्स सेक्टर के लिए एक अहम बेंचमार्क तय करेगी और इससे पब्लिक मार्केट में उतरने की तैयारी कर रहे अन्य फिनटेक यूनिकॉर्न्स के लिए भी रास्ता खुल सकता है।