Bharat Coking Coal IPO: कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) शुक्रवार को अपना आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसके माध्यम से वह 100 फीसदी बिक्री प्रस्ताव (ओएफएस) के जरिए 1,069 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके साथ ही कंपनी भारत के इस्पात उद्योग के लिए प्रमुख घरेलू आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करेगी। देश आयातित कोकिंग कोयले पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है।
आईपीओ का कीमत दायरा 21 से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और आवेदन के लिए यह 13 जनवरी को बंद हो जाएगा। एंकर बुक 8 जनवरी को खुलेगी। शेयर 16 जनवरी को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं। निर्गम संरचना के अनुसार 50 फीसदी शेयर पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए, कम से कम 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए और कम से कम 15 फीसदी गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए रखे गए हैं।
आईपीओ से प्राप्त रकम मूल कंपनी कोल इंडिया को मिलेगी। मीडिया से बातचीत के दौरान प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि नए शेयर जारी न होने से कंपनी की विकास योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि पूंजीगत व्यय आंतरिक स्रोतों से ही मिलता रहेगा।
मीडिया को बीसीसीएल के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल और तकनीकी निदेशक संजय कुमार सिंह के अलावा कोल इंडिया के निदेशक (वित्त) मुकेश अग्रवाल ने संबोधित किया।
बीसीसीएल भारत में कोकिंग कोल की सबसे बड़ी उत्पादक है, जो घरेलू उत्पादन का करीब 58.5 फीसदी हिस्सा है और भारत में प्राइम कोकिंग कोयले की एकमात्र उत्पादक है। इस्पात निर्माण के लिए कोकिंग कोल महत्त्वपूर्ण घटक है और भारत वर्तमान में अपनी आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया से।