US-Israel-Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार को अमेरिकी कांग्रेस को एक आधिकारिक पत्र भेजकर ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी। यह सूचना तथाकथित ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत 28 फरवरी 2026 को किए गए अमेरिकी हवाई हमलों से संबंधित है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ने इन हमलों को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक बताया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उनकी अनुमति और निर्देश पर अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के भीतर कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। इन लक्ष्यों में बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, समुद्री खदान बिछाने की क्षमताएं, वायु रक्षा प्रणाली और कमांड तथा नियंत्रण केंद्र शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अमेरिकी मातृभूमि की रक्षा करना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए अहम Strait of Hormuz में निर्बाध आवागमन बनाए रखना था।
ट्रंप ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई सामूहिक आत्मरक्षा के सिद्धांत के तहत की गई, ताकि क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा की जा सके। उन्होंने विशेष रूप से Israel का उल्लेख किया और कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ खड़ा है। राष्ट्रपति के अनुसार, हमलों के दौरान किसी भी अमेरिकी जमीनी सैनिक को तैनात नहीं किया गया और पूरी योजना इस तरह बनाई गई थी कि आम नागरिकों को कम से कम नुकसान पहुंचे।
राष्ट्रपति ने अपने पत्र में पिछले वर्ष चलाए गए ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का भी जिक्र किया और दावा किया कि उस अभियान की सफलता के बावजूद ईरान ने अपनी आक्रामक गतिविधियां और परमाणु महत्वाकांक्षाएं जारी रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान की मिसाइल क्षमताएं और समुद्री हमले की रणनीति न केवल अमेरिकी बलों बल्कि व्यावसायिक जहाजों और आम नागरिकों के लिए भी खतरा बन रही हैं।
ट्रंप ने तेहरान पर कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद “दुर्भावनापूर्ण व्यवहार” जारी रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका स्थायी और त्वरित शांति चाहता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में सैन्य कार्रवाई की अवधि कितनी लंबी होगी, यह अभी तय नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि अमेरिकी हितों या सहयोगी देशों पर आगे कोई खतरा उत्पन्न होता है तो अमेरिकी बल अतिरिक्त कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।
राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने यह रिपोर्ट अमेरिकी कानून War Powers Resolution के तहत कांग्रेस को सौंपी है। यह कानून राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई की स्थिति में निर्धारित समय के भीतर कांग्रेस को सूचित करने के लिए बाध्य करता है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत कमांडर इन चीफ के रूप में यह निर्णय लिया।
इधर संयुक्त अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने भी पलटवार किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों से मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जिससे आम नागरिकों और वहां काम कर रहे विदेशी नागरिकों के लिए खतरा बढ़ गया है।