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अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका का एक “विशाल सैन्य बेड़ा” ईरान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने तेहरान को फिर से चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों की हत्या और परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने की किसी भी कोशिश पर कड़ी कार्रवाई होगी। ट्रंप ने यह बयान गुरुवार को दिया, जब वह स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में हिस्सा लेकर अमेरिका लौट रहे थे।
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हमारे कई जहाज उस दिशा में जा रहे हैं, एहतियात के तौर पर। मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो, लेकिन हम उन पर बहुत करीबी नजर रखे हुए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास एक आर्माडा है, एक बहुत बड़ा सैन्य बेड़ा उस दिशा में बढ़ रहा है। हो सकता है कि हमें इसका इस्तेमाल न करना पड़े। देखते हैं आगे क्या होता है।”
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया पहुंच सकते हैं। एक अधिकारी ने यह भी कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करने पर विचार कर रहा है, ताकि ईरान के किसी भी संभावित हमले से अमेरिकी ठिकानों की रक्षा की जा सके।
ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या को लेकर पहले भी कार्रवाई की धमकी दी है। हालांकि, पिछले हफ्ते विरोध प्रदर्शन कुछ धीमे पड़े। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी चेतावनी के बाद ईरान ने फांसी की सजा पर रोक लगा दी है।
गुरुवार को उन्होंने कहा कि ईरान ने करीब 840 फांसी की सजाएं रद्द कर दीं। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने ईरान से कहा था, “अगर तुम इन लोगों को फांसी दोगे, तो तुम्हें पहले से कहीं ज्यादा जोरदार जवाब मिलेगा। तब तुम्हारा परमाणु कार्यक्रम पर हुआ नुकसान भी बहुत छोटा लगेगा।” उन्होंने कहा कि फांसी से ठीक पहले इन सजाओं को रोक दिया गया, जो उनके मुताबिक “एक अच्छा संकेत” है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान ने इसे दोबारा शुरू करने की कोशिश की, तो अमेरिका फिर हमला करेगा। उन्होंने कहा, “अगर वे फिर ऐसा करने की कोशिश करेंगे, तो हमें किसी और जगह उन्हें निशाना बनाना होगा। हम वहां भी उतनी ही आसानी से हमला करेंगे।”
विश्व आर्थिक मंच में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने आठ युद्ध खत्म किए हैं। ईरान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले साल जून में अमेरिकी हमलों ने उसके परमाणु ढांचे को “पूरी तरह तबाह” कर दिया था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान बातचीत करना चाहता है और करेगा। साथ ही, उन्होंने सीरिया में आईएसआईएल के खिलाफ अमेरिकी अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि हालात में सुधार हो रहा है और यूरोप, अमेरिका और पश्चिम एशिया पर खतरे कम हो रहे हैं। ट्रंप के बयान ऐसे समय आए हैं, जब उन्होंने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने कभी उनकी हत्या की कोशिश की, तो उसे “धरती से मिटा दिया जाएगा।”
ईरान में विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए थे, जो आर्थिक मुश्किलों के खिलाफ थे और बाद में पूरे देश में फैल गए। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, अब तक 4,519 मौतों की पुष्टि हुई है, जिनमें 4,251 प्रदर्शनकारी शामिल हैं। इसके अलावा 9,049 मौतों की जांच अभी जारी है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि रविवार तक मरने वालों की संख्या 5,000 से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें करीब 500 सुरक्षाबल के जवान शामिल हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)