प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) ब्राजील की सरकारी कंपनी पेट्रोब्रास के साथ 78 करोड़ डॉलर में 1.2 करोड़ बैरल कच्चे तेल की खरीद के लिए एक सावधि समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रही है।
यह समझौता अगले सप्ताह भारत के तेल मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रम इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2026 के दौरान किया जाएगा, जो 27से 30 जनवरी तक गोवा में आयोजित होने जा रहा है।
कच्चे तेल की खरीद के लिए पिछले साल हुए समझौते के तहत ब्राजील की तेल कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 60 लाख बैरल तेल की आपूर्ति की थी। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बीपीसीएल और पेट्रोब्रास के बीच नए समझौते के बाद ब्राजील से तेल आपूर्ति की मात्रा दोगुनी हो जाएगी।
पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद भारत द्वारा रूस से तेल आयात घटाने के बाद घरेलू तेल शोधन कंपनियां कच्चे तेल की खरीद परंपरागत आपूर्तिकर्ता देशों से कर रही हैं। साथ ही नए भौगोलिक क्षेत्रों जैसे ब्राजील और गुयाना से भी तेल मंगाया जा रहा है।
पुरी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत को तेल आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त कच्चा तेल है और इससे मौजूदा भूराजनीतिक बदलावों के असर को कम किया जा सकता है। मंत्री ने कहा, ‘वैश्विक वातावरण बहुत तेजी से विस्तृत हो रहा है और बदल रहा है। हम 2007 में 27 जगहों से तेल खरीदते थे और अब 41 देशों से तेल खरीद रहे हैं।’ आईईडब्ल्यू 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक सीईओ, भारतीय उद्योग जगत के प्रमुखों से बातचीत करेंगे, जिसमें प्रमुख वैश्विक ऊर्जा और प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री के साथ गोलमेज सम्मेलन में 13 विदेशी सीईओ, 5 भारतीय निजी क्षेत्र के सीईओ और टोटाल एनर्जीज, बीपी, विटोल, एचडी ह्युंडै, एचडी केएसओई, एकर, लैंजाटेक, वेदांत, आईईएफ, एक्सेलरेट, वुड मैकिंजी, ट्राफिगुरा, स्टैत्सोलि, प्राज, रीन्यू और एमओएल सहित नौ भारतीय सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुख शामिल होंगे। आईईडब्ल्यू के दौरान होने जा रहे अन्य समझौतों में वैश्विक अपस्ट्रीम अवसरों के लिए बीपीआरएल और शेल के बीच समझौता शामिल है।